- खेत की जुताई के दौरान हमलावरों ने दिया घटना को अंजाम
- करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। सूबे में बेखौफ बदमाशों का आतंक थम नहीं रहा है। रामपुर जिले के जिला पंचायत कार्यालय में वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद हत्याकांड, बीते 13 फरवरी 2026 को बाराबंकी जिले के सफेदाबाद क्षेत्र स्थित असैनी मोड़ मुख्तार अंसारी के करीबी रहे अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हुई हत्या के मामले में पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच भी नहीं पाई थी कि अब गोंडा जिले के करनैलगंज थाना क्षेत्र के सुदाई पुरवा गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर हत्यारों ने पुलिस अधिकारियों को खुली चुनौती दे डाली।
बदमाशों ने उन्हें खेत में घेरकर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा कर मौत की नींद सुला दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में घायल को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक गोंडा जिले के करनैलगंज थाना क्षेत्र स्थित सुदाई पुरवा गांव निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा परिवार के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा खेत की जुताई करवा रहे थे कि इसी दौरान किसी बात को लेकर लाठी-डंडों और असलहों से लैस हमलावरों ने हमला बोल दिया। अधिवक्ता के ऊपर हमला होता देख उन्हें बचाने के लिए उनके भतीजे दौड़े कि बदमाशों ने उन्हें भी गन प्वाइंट पर ले लिया और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल भतीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है अदालत से मुकदमा जीतने के बाद नौ बीघा जमीन पर अधिवक्ता सुभाष ट्रैक्टर से खेत की जुताई करवा रहे थे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
