उत्तराखंड में कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण पर तत्काल रोक

Untitled 2 copy 13

देहरादून। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (उत्तराखण्ड) ने अवैध, घटिया एवं दुरुपयोग की आशंका वाली औषधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। औषधि निरीक्षक शाखा के अधिकारियों द्वारा एक औषधि निर्माण इकाई का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान औषधि सिरप के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, अभिलेखों के रख-रखाव एवं निर्धारित मानकों की विस्तार से जांच की गई। जांच में यह सामने आया कि संबंधित फर्म द्वारा निर्मित कुछ औषधियों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जो जन स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती थी।

गंभीर अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने बिना विलंब किए कोडीन युक्त कफ सिरप के विनिर्माण पर तत्काल रोक लगा दी। इसके साथ ही संबंधित औषधि का अनुज्ञापन अग्रिम आदेशों तक निलम्बित कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि औषधियों के निर्माण और आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे मामलों में सख़्ती अनिवार्य है।

ये भी पढ़े

विश्व दलहन दिवस आज: पोषण, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं दालें

प्रवर्तन के साथ-साथ न्यायिक मोर्चे पर भी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (उत्तराखण्ड) के अंतर्गत जनपद नैनीताल में एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत वर्ष 2019 और 2020 में दर्ज मामलों में माननीय सत्र न्यायालय द्वारा 04 अभियुक्तों को 12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा तथा 1,20,000 रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया है। यह फैसला न केवल कानून की प्रभावशीलता को दर्शाता है, बल्कि अवैध नशीली दवाओं के कारोबार से जुड़े तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी है। सचिव/आयुक्त के निर्देश पर राज्य के सभी जनपदों के औषधि अधिकारियों को कोडीन सिरप एवं अन्य मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं, निर्माण इकाइयों और वितरण नेटवर्क पर नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण तेज़ कर दिए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

विभाग की रणनीति केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है। अवैध दवाओं के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए निगरानी, प्रवर्तन और जन-जागरूकता—इन तीनों स्तंभों पर एक साथ काम किया जा रहा है। आम नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही दवाएं खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (उत्तराखण्ड) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—जनता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप औषधियां उपलब्ध कराना। औषधियों की गुणवत्ता से समझौता सीधे जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

Spread the love

Operation Safed Sagar
homeslider National

कारगिल युद्ध में IAF का शौर्य, ऑपरेशन सफेद सागर ने ऐसे तोड़ी दुश्मन की कमर

कारगिल की 18 हजार फीट ऊंची चोटियों पर IAF का पराक्रम Operation Safed Sagar: साल 1999 में जब देश क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोमांच में डूबा था, उसी दौरान जम्मू-कश्मीर के कारगिल की ऊंची और दुर्गम पहाड़ियों पर एक ऐसा संघर्ष आकार ले रहा था, जिसने भारतीय सेना और वायुसेना के सामने अभूतपूर्व चुनौती खड़ी […]

Spread the love
Read More
Affair
Crime News homeslider

पत्नी के कथित अफेयर से तनाव में था पति?

Affair बेंगलुरु के फाइव स्टार होटल में खौफनाक वारदात दो बेटियों की हत्या के बाद पिता ने की खुदकुशी की कोशिश बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक फाइव स्टार होटल के कमरे से दो मासूम बच्चियों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) के पास स्थित होटल में 40 वर्षीय […]

Spread the love
Read More
Jail
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

अपर महानिरीक्षक कारागार का अजब गजब कारनामा

Jail प्रदेश की जेलों से पर्ची भेजकर मंगाया जाता राशन, सब्जी, दूध नज़ारत से मंगाए जा रहे लैपटॉप और घरों की गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल लखनऊ। कारागार मुख्यालय में तैनात अपर महानिरीक्षक जेल प्रशासन को प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी भले ही शून्य हो किंतु वसूली के संसाधन जुटाने में इन्हें महारत हासिल कर रखी […]

Spread the love
Read More