उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी को सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया। न सिर्फ उसने बेटी से सारे रिश्ते तोड़ लिए, बल्कि शोक पत्रिका छपवाकर नवमी की धूप भी दे दी। यह घटना प्रेम विवाह और सामाजिक मर्यादाओं के टकराव की एक चौंकाने वाली मिसाल बन गई है।
गांव में फैली सनसनी
यह पूरा मामला उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत माल की टूस का है। गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब लोगों को पता चला कि एक पिता ने अपनी बेटी की मौत की शोक पत्रिका छपवाई है, जबकि बेटी पूरी तरह जिंदा है। समाज के लोगों को बुलाकर बाकायदा धार्मिक रस्में निभाई गईं और बेटी के फोटो पर फूलों की माला चढ़ाकर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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दो महीने पहले ही किया था कन्यादान
जानकारी के अनुसार, पुष्कर लोहार ने करीब दो महीने पहले अपनी बेटी कोमल लोहार की शादी पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के साथ अपने ही समाज के एक युवक से करवाई थी। शादी में पिता ने अपनी हैसियत से अधिक खर्च किया और बेटी की हर इच्छा पूरी करने की कोशिश की।
प्रेम विवाह बना विवाद की जड़
शादी के कुछ ही समय बाद कोमल लोहार ने कथित तौर पर अपने पति, ससुराल और पिता से संबंध तोड़ लिए। बताया जा रहा है कि उसने किसी अन्य समाज के युवक से प्रेम विवाह कर लिया और उसके साथ रहने लगी। इस फैसले से दोनों परिवारों में गहरा आक्रोश फैल गया।
बेटी को बताया ‘सामाजिक रूप से मृत’
जब यह बात पिता पुष्कर लोहार को पता चली तो वह पूरी तरह टूट गए। उन्होंने इसे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए कठोर कदम उठाया। पुष्कर लोहार ने शोक पत्रिका छपवाकर समाज के लोगों को नवमी की धूप में आमंत्रित किया और बेटी के फोटो पर माला चढ़ाकर उसे मृत घोषित कर दिया।
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समाज के सामने रिश्तों से इंकार
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पिता ने खुले तौर पर घोषणा की कि अब उसका बेटी कोमल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी के इस कदम ने उन्हें समाज में शर्मिंदा कर दिया है, इसलिए वह उससे हर तरह का रिश्ता खत्म कर रहे हैं।
सामाजिक सोच पर उठे सवाल
यह मामला अब केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में बहस का विषय बन गया है। कुछ लोग पिता के फैसले को सामाजिक परंपराओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे बेटी के व्यक्तिगत अधिकारों का हनन मान रहे हैं।
