- वरिष्ठ पत्रकार संजय त्रिपाठी के बेटे भी हुए थे गंभीर रूप से जख्मी
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। पुलिस अफसर भले ही तरह-तरह की योजना बनाकर चाइनीज मांझे पर रोकथाम लगाने का दावा कर रहे हों लेकिन इससे पहले 15 सितंबर 2017 पर गौर करें आईटी चौराहे के पास बाइक से जा रहे वरिष्ठ पत्रकार संजय त्रिपाठी के 23 वर्षीय बेटे विभांशु त्रिपाठी के गले में चाइनीज मांझा उलझ गया। हादसे में छात्र के गले में करीब सात सेमी. तक गहरा जख्म हो गया था। गनीमत रही कि सांस की नली बच गई। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार संजय त्रिपाठी का बेटा विभांशु (23) उस समय एमए प्रथम वर्ष का छात्र था । वह दोपहर बाद करीब तीन बजे वह बाइक से अलीगंज से आईटी चौराहा की ओर आ रहा था। चौराहे से चंद कदम की दूरी पर विभांशु की गर्दन में अचानक चाइनीज मांझा फंस गया। इससे बचने के लिए विभांशु ने गर्दन हटाई। हालांकि, तब तक मांझे ने उसकी गर्दन का दायां हिस्सा बुरी तरह से काट दिया। करीब सात सेमी. लंबा और गहरा कट लगने से खून का फव्वारा फूट पड़ा और विभांशु चीखते हुए सड़क पर गिर पड़ा। यह देख राहगीर एकत्र हो गए। आनन-फानन उसके मोबाइल से परिवारीजनों को सूचना दी गई।
परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उसे सिविल अस्पताल ले गए। यहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि घाव बहुत गहरा है। हालांकि जख्म सांस की नली यानी ट्रैकिया तक नहीं पहुंचा। गनीमत रही कि मांझे से गर्दन के किनारे की तरफ घाव हुआ। यह घाव सामने के हिस्से में होता तो उसकी जान पर बन आती। फिलहाल उसकी हालत गंभीर है।
उस समय अधिकारियों ने चाइनीज मांझा बेचने वालों पर रोक लगाने का दावा किया था, कवायदें धरी रह गई
चाइनीज मांझे के प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में बिक रहे चाइनीज मांझे से हो रहे हादसों को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने इसे जब्त करने के साथ ही चाइनीज मांझा बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तत्कालीन डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को इसके लिए नोडल अफसर नामित किया है। इसके लिए पुलिस थाना स्तर पर छापेमारी की जाएगी। इसकी बिक्री करने वालों के खिलाफ सीधे केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई होगी। लेकिन जैसे ही अफसरों का तबादला हुआ और पूरी कवायद ठंडे बस्ते में चली गई। नतीजतन आज भी चाइनीज मांझा खरीद-फरोख्त करने वालों का सिलसिला जारी है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि परिवार का इकलौता बेटा मोहम्मद शोएब की प्रतिबंधित मांझे से कटकर जान चली गई।
