लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने शहबाज़ शरीफ सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। लंदन में रह रहे सुलेमान खान और कासिम खान का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार जानबूझकर उन्हें वीज़ा नहीं दे रही, ताकि वे अपने पिता से मुलाकात न कर सकें। दोनों बेटों ने इसे न सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध बताया, बल्कि इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी करार दिया है। इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। वे इस समय एक मामले में सजा काट रहे हैं। उनके परिवार का दावा है कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास यानी काल कोठरी में रखा गया है और उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है।
सोशल मीडिया पर भावुक अपील
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह और उनके भाई पिछले 900 दिनों से अपने पिता से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनके पिता को न तो परिवार से मिलने दिया जा रहा है और न ही स्वतंत्र डॉक्टरों से इलाज की अनुमति दी जा रही है।कासिम ने कहा, “एक कैदी को इलाज से वंचित करना क्रूरता है, और उसके बच्चों को उससे मिलने से रोकना सामूहिक सजा के बराबर है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वीज़ा प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया जा रहा है।
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स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता
परिवार के अनुसार, इमरान खान को आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) का खतरा है, जो समय पर इलाज न मिलने पर स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती है। हालांकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनकी सेहत ठीक है और हाल ही में आंखों की एक मेडिकल प्रक्रिया कराई गई है। इसके बावजूद, पीटीआई और खान के बेटों का दावा है कि जेल प्रशासन स्वतंत्र चिकित्सा सुविधा देने में लगातार बाधा डाल रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
इमरान खान के बेटों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और लोकतांत्रिक देशों से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र खोखला हो चुका है और कानून अब राजनीतिक हथियार बन गया है।
