कमला नेहरू कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन 2026, राष्ट्रीय चेतना और नारी शक्ति पर हुआ मंथन

नई दिल्ली : कमला नेहरू कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन 2026, राष्ट्रीय चेतना और नारी शक्ति पर हुआ मंथननई दिल्ली स्थित कमला नेहरू कॉलेज के सभागार में सोमवार को “अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन – 2026” का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन संस्कृत संस्कृति विकास संस्थान न्यास (दिल्ली प्रान्त) और कॉलेज के संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय “राष्ट्रीय संचेतना एवं युग-युगीन नारी” रखा गया, जिसमें भारतीय इतिहास और संस्कृति में नारी की भूमिका पर गहन विमर्श हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति, संस्कार और नारी शक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास और विरासत” के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को संजोना समय की आवश्यकता है।

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जवाहर सिंह बेढम ने नारी सम्मान की भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हम ‘सीता-राम’ और ‘राधा-कृष्ण’ जैसे शब्द प्रयोग करते हैं, जो नारी की महत्ता को दर्शाते हैं। उन्होंने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह निर्णय नारी सशक्तिकरण को नई दिशा देगा। संस्कृति विकास संस्थान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रोफेसर विजय गर्ग ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को केवल संस्कृति की जानकारी देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना भी जरूरी है। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रंजन त्रिपाठी ने भारतीय नारी की सामाजिक और राष्ट्रीय भूमिका पर विस्तार से विचार रखे।

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इस अवसर पर संस्कृत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सात विदुषियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रो. मीरा द्विवेदी, शशि प्रभा कुमार, प्रो. हरप्रीत कौर, डॉ. धर्मा, डॉ. चारू कालरा, आचार्या अन्नपूर्णा और आचार्या नंदिता शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान माता सुंदरी कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरप्रीत कौर ने घोषणा की कि अगला अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन उनके कॉलेज में आयोजित किया जाएगा। इस घोषणा का उपस्थित अतिथियों ने स्वागत किया। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. रंजन त्रिपाठी, सारस्वत अतिथि के रूप में प्रो. दीप्ति त्रिपाठी और सत्राध्यक्ष के रूप में जेएनयू के प्रो. सुधीर आर्य मौजूद रहे। आयोजन की सफलता में डॉ. अंजू सेठ, प्रो. विजय गर्ग, प्रो. सुषमा चौधरी और सुनील शर्मा की अहम भूमिका रही।

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