West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसआईआर की आड़ में लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता किया जा रहा है। ममता बनर्जी से पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद डोला सेन और डेरेक ओब्रायन भी इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं। इन याचिकाओं पर चार फरवरी को सुनवाई होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह मामला आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा संवैधानिक मुद्दा बन सकता है।
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दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी को बंगाल में अपनी हार साफ नजर आ रही है, इसलिए वह चुनाव आयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सहारा लेकर चुनाव को प्रभावित करना चाहती है मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर बीजेपी में हिम्मत है तो उसे राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ना चाहिए। एजेंसियों और चुनाव आयोग का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरा है।” उन्होंने दावा किया कि देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रियाओं से चुनावी नतीजों को प्रभावित किया गया है।
सोमवार को ममता बनर्जी अपने पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करने वाली हैं। इस बैठक में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। ममता बनर्जी इससे पहले भी कह चुकी हैं कि जरूरत पड़ने पर वह एक “आम नागरिक” के रूप में सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि वह इस लड़ाई को सत्ता की नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई मानती हैं
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