केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त मंत्री के एक अहम टैक्स एलान के बाद बाजार में अचानक बिकवाली हावी हो गई, जिससे सेंसेक्स करीब 2300 अंक तक टूट गया। वहीं निफ्टी भी तेज गिरावट के साथ 24,592.15 अंक तक फिसल गया। हालांकि कुछ समय बाद बाजार ने आंशिक रिकवरी दिखाई।
बजट भाषण के दौरान जैसे ही शेयर बायबैक टैक्स को लेकर बदलाव की घोषणा हुई, निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ गई। छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के नाम पर बायबैक पर अतिरिक्त टैक्स लगाने के प्रस्ताव ने बाजार को चौंका दिया। इसके तहत अब सभी शेयरधारकों को बायबैक पर पूंजीगत लाभ कर देना होगा।
सरकार ने कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स तय करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा वायदा सौदों पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे डेरिवेटिव सेगमेंट में कारोबार करने वाले निवेशकों की लागत बढ़ने की आशंका है।
इन घोषणाओं का असर बाजार पर तुरंत दिखा। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 15.04 अंक गिरकर 82,254.74 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी 31.75 अंक टूटकर 25,288.90 अंक पर आ गया। हालांकि दिन चढ़ने के साथ बाजार ने कुछ हद तक संभलने की कोशिश की। सुबह 10:39 बजे तक सेंसेक्स 255.96 अंक की बढ़त के साथ 82,525.74 अंक पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 56.60 अंक चढ़कर 25,377.25 अंक पर कारोबार करता दिखा।
इस बजट की एक और खास बात यह रही कि आज रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुले रहे। आमतौर पर शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट 2026 को देखते हुए एनएसई और बीएसई ने विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया। इसका मकसद था कि निवेशक बजट के एलानों पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में इससे पहले सिर्फ एक बार रविवार को कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को, जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब भी बजट के कारण बाजार खोले गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के दिन बाजार खुला रहने से पारदर्शिता बनी रहती है और ऑफ-मार्केट सट्टेबाजी पर लगाम लगती है। साथ ही निवेशकों को जोखिम प्रबंधन का बेहतर मौका मिलता है। हालांकि, बायबैक टैक्स और STT में बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में बाजार की चाल और भी संवेदनशील रह सकती है।
