नया लुक डेस्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ती नजर आ रही है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य की नई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी तेज हो गई है। शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी संभावना है। इसके तुरंत बाद शपथ ग्रहण भी कराया जा सकता है। शुक्रवार को NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल, वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से करीब एक घंटे तक चर्चा की। बैठक के बाद राजनीतिक संकेत साफ हो गए कि सत्ता पक्ष सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमत है।
मुख्यमंत्री की सहमति, जल्द हो सकता है शपथ ग्रहण
छगन भुजबल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि यदि पारिवारिक शोक की औपचारिकताओं में कोई बाधा नहीं आई, तो विधायक दल में चयन के तुरंत बाद शपथ ग्रहण कराया जा सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में बारामती में हुई विमान दुर्घटना में अजीत पवार समेत पांच लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद पार्टी और सरकार दोनों में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

पार्थ पवार के राज्यसभा जाने की अटकलें
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि अगर सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनती हैं और बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ती हैं, तो उनके बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद अजीत पवार ने ही सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजकर सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ाया था। अब परिवार एक बार फिर सत्ता और संगठन दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है।
दोनों NCP के विलय की तैयारी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अजीत पवार गुट और शरद पवार गुट की NCP के विलय की चर्चाएं भी जोर पकड़ चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछले डेढ़ महीने में दोनों पक्षों के बीच करीब 14 बैठकें हो चुकी हैं। योजना थी कि फरवरी के दूसरे सप्ताह में जिला परिषद चुनावों के बाद औपचारिक विलय की घोषणा की जाए, लेकिन अजीत पवार के अचानक निधन से प्रक्रिया कुछ समय के लिए थम गई। अब राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतृत्व के खालीपन को भरने के लिए दोनों दलों का एक होना और भी जरूरी हो गया है।
क्या महायुति में शामिल होंगे शरद पवार?
अगर विलय होता है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि शरद पवार किस राजनीतिक खेमे का हिस्सा बनेंगे। सत्ता में बने रहने के लिए उन्हें महाविकास आघाड़ी छोड़कर भाजपा की अगुवाई वाली महायुति और राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए में शामिल होना पड़ सकता है। क्योंकि अजीत पवार गुट के 40 विधायक विपक्ष में बैठने के बजाय सत्ता में बने रहना चाहेंगे। अगर ऐसा होता है, तो इसका असर सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहराई से पड़ेगा।
