महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद देशभर में शोक की लहर है। इस दुखद घटना पर जहां एक ओर राजनीतिक दलों ने संवेदनाएं व्यक्त कीं, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ममता बनर्जी की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि किसी के निधन पर इस तरह की राजनीति करना बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होने का है। फडणवीस ने कहा कि वरिष्ठ नेता शरद पवार स्वयं स्पष्ट कर चुके हैं कि यह एक दुर्घटना थी, इसके बावजूद इस पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
फडणवीस ने आगे कहा कि किसी लोकप्रिय और सम्मानित जननेता की मृत्यु को राजनीतिक रंग देना न केवल अनुचित है, बल्कि यह समाज की संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान को “ओछी राजनीति” करार देते हुए कहा कि इस स्तर की बयानबाजी से बचा जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में साजिश के संकेत देना पूरी तरह गलत है। शिंदे ने कहा कि शरद पवार ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि यह एक हादसा था और इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार के अंतिम दर्शन में उमड़े जनसैलाब से साफ है कि वे महाराष्ट्र के कितने प्रिय नेता थे।
उधर, ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा था कि इस हादसे से यह सवाल खड़ा होता है कि क्या देश में नेता भी सुरक्षित हैं। उन्होंने घटना की जांच की बात कही, जिसे लेकर विवाद गहरा गया। भाजपा नेताओं का मानना है कि जांच की मांग करना अलग बात है, लेकिन इसे राजनीतिक संदर्भ में पेश करना अनुचित है।
इस पूरे मामले पर शरद पवार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी और इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि इस समय परिवार और राज्य के साथ खड़ा होना सबसे जरूरी है।
