नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता अजित पवार का अंतिम संस्कार आज उनके गृह क्षेत्र बारामती (महाराष्ट्र) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है। उन्हें आज विदा करने के लिए हजारों समर्थक, राजनीतिक हस्तियां और आम जनता विद्या प्रतिष्ठान मैदान में जुटे हैं, जहाँ पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई थी। हादसे के बाद पूरे इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं और ट्रैफिक व जन व्यवस्था नियंत्रण में रखी जा रही है।

बारामती विमान हादसा: कैसे हुआ हादसा
28 जनवरी की सुबह लगभग 8:45 बजे मुंबई से बारामती जा रहे चार्टर्ड विमान Learjet 45 (VT-SSK) लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग लग गई। विमान में सवार अजित पवार, उनके पर्सनल सेक्योरिटी ऑफिसर और फ्लाइट अटेंडेंट सहित कुल पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी सेवाएँ मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गयी। विमान हादसे की जांच के लिए DGCA और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमों को दुर्घटना स्थल पर भेजा गया है, और ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
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शासन-राजनीति: बड़े नेताओं का शोक और समर्थन
महाराष्ट्र सरकार ने इस दर्दनाक घटना के बाद तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई नेताओं ने अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना जताई गई है, तथा वे मृतकों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं। CM देवेंद्र फडणवीस ने दुर्घटना को “अविश्वसनीय और गहरा नुकसान” बताया और खुद बारामती पहुंचकर परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि दी। राजनीतिक गलियारों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय 66 वर्षीय अजित पवार के निधन पर सभी तरफ शोक और चिंता की लहर है।
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राजनीति पर असर और भविष्य का समीकरण
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के तौर पर पहचाने जाते थे। उनकी अचानक मृत्यु से राज्य में राजनीतिक संतुलन और स्थानीय चुनावों का परिदृश्य भी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ नेताओं और समीक्षकों का कहना है कि उनके खाली हुए राजनीतिक नेतृत्व का असर आने वाले दिनों में साफ दिखेगा।
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श्रद्धांजलि और सामाजिक भावना
बारामती सहित कई शहरों में लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं, फूल चढ़ा रहे हैं और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लोगों की आंखों में दुःख साफ दिखाई दे रहा है, और सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक व्यक्तित्व के रूप में उनकी यादों को याद किया जा रहा है।
