- पुलिस जांच पड़ताल में जुटी
लखनऊ। ताल कटोरा क्षेत्र में सचिवालय में तैनात एक चपरासी पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित भाई-बहन का आरोप है कि फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर उनसे करीब सोलह लाख पचास हजार रुपये ऐंठ लिए गए। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता अब भी घूम रहा है। पीड़िता ने कई बार पैसे मांगे तो धमकी देने लगे वही पीड़िता ने चुप चाप मोबाइल से वीडियो भी बनाया जिसमे ठगी करने वाले दिखाई दे रहे है।
पीड़िता के मुताबिक, सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने पहले भरोसे में लिया और फिर धीरे-धीरे उनसे करीब 16.5 लाख रुपये वसूल लिए।आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया और कभी विभाग तो कभी दफ्तर के नाम पर पीड़ितों को इधर-उधर भटकाते रहे।
जब काफी समय बीतने के बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पैसा लौटाने के बजाय जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।डरे-सहमे पीड़ित भाई-बहन इसके बाद तालकटोरा थाने पहुंचे और पूरे मामले की तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। बहरहाल, सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई इस ठगी ने एक बार फिर ऐसे फर्जीवाड़ों से सतर्क रहने की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
