अमेरिका के लॉस एंजिल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (LAX) पर हाल ही में एक बेहद दुर्लभ और रहस्यमयी विमान को देखा गया, जिसे दुनिया भर में ‘डूम्सडे प्लेन’ या ‘प्रलय का विमान’ कहा जाता है। अमेरिकी वायुसेना का यह विशेष विमान बोइंग E-4B नाइटवॉच है, जिसकी सार्वजनिक मौजूदगी पिछले 51 वर्षों में बहुत कम बार सामने आई है। जैसे ही इस विमान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, वैश्विक स्तर पर चर्चाओं और अटकलों का दौर शुरू हो गया।
E-4B नाइटवॉच को सामान्य विमान नहीं माना जाता। यह एक उड़ता हुआ कमांड सेंटर है, जिसे परमाणु युद्ध, आतंकी हमले या किसी बड़े राष्ट्रीय संकट की स्थिति में अमेरिकी सरकार और सेना के संचालन के लिए तैयार किया गया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह परमाणु विस्फोट की गर्मी और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) को भी सहन कर सके।
इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लगातार 6 से 7 दिनों तक बिना लैंड किए हवा में रह सकता है। इसमें हवा में ईंधन भरने की सुविधा मौजूद है। यही वजह है कि इसे ‘उड़ता हुआ पेंटागन’ भी कहा जाता है। विमान के अंदर अत्याधुनिक संचार प्रणाली, सुरक्षित कमांड रूम और रणनीतिक नियंत्रण सुविधाएं मौजूद हैं, जिनसे पूरी अमेरिकी सैन्य मशीनरी को नियंत्रित किया जा सकता है।
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गुरुवार को LAX पर इस विमान की लैंडिंग का वीडियो Airline Videos Live नामक प्लेटफॉर्म द्वारा लाइव प्रसारित किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स ने इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “प्रेसिडेंशियल डूम्सडे प्लेन को LA से उड़ान भरते देखा गया, यह शायद अच्छा संकेत नहीं है।”
इस घटना को कई लोगों ने 2026 की सबसे बड़ी एविएशन घटनाओं में से एक बताया है। विमान की दुर्लभता और इसके अचानक सामने आने से दुनिया भर में सुरक्षा हालात को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस उड़ान में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी सवार थे। पेंटागन की ओर से बताया गया कि यह उड़ान रक्षा मंत्री के ‘Arsenal of Freedom’ टूर का हिस्सा थी। इस दौरान वे दक्षिणी कैलिफोर्निया में सैन्य ठिकानों, एयरोस्पेस कंपनियों और भर्ती अभियानों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए।
हालांकि, यह सवाल अब भी बना हुआ है कि जब आम सरकारी विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता था, तो इतनी संवेदनशील और महंगी एयरक्राफ्ट को क्यों चुना गया। इस पर अभी तक कोई आधिकारिक और स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
