कनाडा के टोरंटो में रह रही भारतीय महिलाओं की सुरक्षा और सहायता को लेकर भारत सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। टोरंटो स्थित भारतीय कॉन्सुलेट जनरल ने महिलाओं के लिए एक विशेष वन स्टॉप सेंटर फॉर वीमेन (OSCW) की शुरुआत की है। यह सेंटर घरेलू हिंसा, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, परित्याग, गलत व्यवहार और कानूनी परेशानियों से जूझ रही भारतीय महिलाओं को तत्काल और समन्वित सहायता प्रदान करेगा।
भारतीय मिशन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सेंटर पूरी तरह से बेनिफिशियरी-सेंटर्ड अप्रोच पर काम करेगा। इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को समय पर सही संसाधनों से जोड़ना है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपनी समस्याओं से बाहर निकल सकें। सेंटर के माध्यम से तत्काल काउंसलिंग, साइको-सोशल सपोर्ट, कानूनी सलाह और जरूरी मामलों में मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। कॉन्सुलेट जनरल ने बताया कि OSCW का संचालन एक महिला सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा किया जाएगा। यह सेंटर 24×7 हेल्पलाइन के जरिए संकट में फंसी महिलाओं की कॉल को तुरंत रिसीव करेगा। जरूरत के अनुसार महिलाओं को काउंसलिंग, इमोशनल सपोर्ट और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पहले से सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) गैर-सरकारी संगठनों की मदद भी ली जाएगी।
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बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेंटर की सभी गतिविधियां कनाडा के स्थानीय कानूनों के अंतर्गत ही संचालित होंगी। इसके साथ ही, भारत सरकार के नियमों के अनुसार, किसी भी तरह की वित्तीय सहायता मींस टेस्टेड बेसिस पर दी जाएगी, ताकि वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं को ही लाभ मिल सके। यह महत्वपूर्ण पहल टोरंटो में भारतीय मूल की 30 वर्षीय महिला हिमांशी खुराना की हत्या के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। इस घटना ने न सिर्फ भारतीय समुदाय को झकझोर दिया, बल्कि विदेशों में भारतीय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडाई पुलिस ने इस मामले में 32 वर्षीय अब्दुल गफूरी के खिलाफ देशव्यापी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जो पीड़िता का परिचित बताया जा रहा है।
भारतीय कॉन्सुलेट जनरल ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कॉन्सुलेट ने कहा कि वह इस हत्या से स्तब्ध और अत्यंत दुखी है। साथ ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए यह भी बताया कि भारतीय अधिकारी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और कनाडाई प्रशासन के साथ मिलकर परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
