- दूसरी पत्नी के साथ था पति का अफेयर
- पॉवर होने के बाद भी कुछ नहीं कर पा रही थी सरपंच पत्नी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्योहारा थाना क्षेत्र के मेवानावादा गांव की ग्राम प्रधान राहिला परवीन ने पति के कथित अवैध संबंध से उत्पन्न मानसिक तनाव सहन न कर पाने के कारण फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सरपंच जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाली महिला के इस कदम ने न केवल परिवार को तोड़ा, बल्कि गांव में शोक की लहर दौड़ा दी।
राहिला लंबे समय से वैवाहिक जीवन में छाए तनाव से जूझ रही थीं। उनके पति इशरत अली पर दूसरी महिला से संबंध रखने के आरोप लगे थे। राहिला ने बार-बार पति को समझाने और रिश्ता बचाने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास व्यर्थ साबित हुआ। घर में लगातार बढ़ता कलह और मानसिक प्रताड़ना ने उन्हें इतना कमजोर कर दिया कि उन्होंने मौत को ही मुक्ति का रास्ता चुना। गांव वाले बताते हैं कि सरपंच होने के बावजूद राहिला अपनी निजी जिंदगी में असहाय महसूस कर रही थीं।
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घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के निर्देश पर 27 नवंबर को स्योहारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ। शिकायत में इशरत अली और कुछ अन्य लोगों पर राहिला को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा। पुलिस जांच में गवाहों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अन्य आरोपियों की संलिप्तता खारिज हुई, लेकिन पति की भूमिका प्रमुख पाई गई।
इसके बाद केस में संशोधन कर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ी गई। 21 दिसंबर को पुलिस ने इशरत अली को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। यह मामला वैवाहिक संबंधों में विश्वासघात और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और परिवारिक सहयोग जरूरी है, वरना परिणाम घातक हो सकते हैं।
