- तीन थानेदार हटाए गए,कई और उपनिरीक्षकों के कार्य क्षेत्र में बदलाव
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। महराजगंज जनपद में भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा के बाद तीन थानों के थानेदारों की थानेदारी छीन ली है। इसके साथ ही सात उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई तैनाती दी गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। बता दें कि भारत-नेपाल बॉर्डर से जुड़े थाना क्षेत्रों में लंबे समय से तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। खाद्य सामग्री, मवेशी, दवाइयों सहित अन्य प्रतिबंधित सामानों की अवैध आवाजाही की सूचनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक न लग पाने को प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। इसी के चलते एसपी ने यह सख्त कदम उठाया है।

कार्रवाई के तहत परसामलिक, बरगदवां और ठूठीबारी थाना क्षेत्रों से जुड़े थानेदारों की थानेदारी छीन ली गई। वहीं कुछ उपनिरीक्षकों को पीआरओ, पुलिस लाइन, जनसुनवाई सेल और अन्य शाखाओं में भेजा गया है, जबकि नए अधिकारियों को सीमावर्ती थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि नए प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीमा पर तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बदले गए उपनिरीक्षकों में उ0नि0 अरविन्द कुमार सिंह, अभय नारायण सिंह, योगेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र कुमार शुक्ला, नवीन चौधरी, महेन्द्र कुमार मिश्रा और अजीत प्रताप सिंह शामिल हैं। इन सभी के दायित्वों में बदलाव कर प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अब कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना की इस कार्रवाई को तस्करों के खिलाफ कड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बॉर्डर इलाकों में पुलिस चेकिंग बढ़ेगी, गश्त को और सख्त किया जाएगा तथा संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई होगी। इस कदम से न सिर्फ तस्करी नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि पुलिसकर्मियों में भी जिम्मेदारी जवाबदेही की भावना मजबूत होगी। मीडिया से बातचीत में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि जनपद में कानून व्यवस्था और विभागीय सिस्टम सही करने के लिए कुछ लोगों पर और कार्यवाही की जा सकती है।
