- नोएडा एसटीएफ ने कोचिंग संचालक सहित पांच को दबोचा
- चार लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन व 13500 रुपए की नकदी बरामद
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। यूपी के नोएडा एसटीएफ टीम ने ई-वे बिल के माध्यम से जीएसटी चोरी कर करोड़ों रूपयों की राजस्व क्षति करने वाले अंतरराज्यीय का खुलासा करते हुए कोचिंग संचालक सहित पांच को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज के जरिए वास्तविक फर्मों द्वारा इनवाइस ई वे बिल तैयार कर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। रैकेट सुनियोजित तरीके से जीएसटी इनवाइस जारी कर धारकों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। आरोपियों ने कई लोगों के केवाइसी दस्तावेजों को हासिल कर दुरुपयोग किया है। फर्जी तरीके से कोचिंग खोलकर मानो पूरे सिस्टम को अपने कब्जे में कर रखा था।
एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के मुताबिक उन्हें कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि गाजियाबाद जिले में हिन्दुस्तान के नाम से कोचिंग खोलकर कुछ जालसाज अंतरराज्यीय स्तर पर फर्जी दस्तावेज के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सूचना पर उनकी टीम हिंदुस्तान कोचिंग सेंटर पहुंची और मौके से जयसिंहपुर जनपद सुल्तानपुर निवासी बिंदेश्वर प्रसाद पाण्डेय, साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद निवासी बबलू कुमार, गोपालगंज बिहार निवासी प्रिंस पांडेय, छपरा बिहार निवासी दीपांशु शर्मा व भगवानपुर वैशाली बिहार निवासी जय किशन को धरदबोचा।
उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के मुताबिक पकड़े गए सभी आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर रैकेट चलाते हैं। उन्होंने कहा कि पूछताछ में मास्टर माइंड बिंदेश्वर प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वह हिंदुस्तान नाम से गाजियाबाद जिले में कोचिंग खोलकर जीएसटी कैसे चोरी की जाती है गिरोह के सदस्यों को इसका प्रशिक्षण देने की बात स्वीकार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हिंदुस्तान कोचिंग सेंटर से एकाउंटेंसी संबंधी फर्मों की जानकारी वर्ष 2021 से चला रहा था, जिसमें एकाउंटेंसी को अधिकृत टैली, बीजी आदि साफ्टवेयरों के संबंध में प्रशिक्षण देकर फर्मों की इनवाइस ई वे बिल एवं जीएसटी रिटर्न भरने के लिए इस कोचिंग में सिखाया जाता था। बताया जा रहा है कि यह गिरोह काफी समय से सिर्फ सरकारी राजस्व को नुक़सान पहुंचा रहा था बल्कि बाजार में ग़लत प्रतिस्पर्धा भी पैदा कर रहा था। आरोपियों द्वारा लंबे समय से फर्जी दस्तावेज के जरिए टैल, बीजी आदि साफ्टवेयरों से करोड़ों की क्षति पहुंचा रहे थे।
