झारखंड: उत्खनन में 9वीं सदी की पाल कालीन उमा–महेश्वर की मूर्ति मिली हजारीबाग

Untitled 36 copy

 रंजन कुमार सिंह

रांची/हजारीबाग। झारखंड का हजारीबाग जिला एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर चर्चा में है। एक ऐतिहासिक जिला है। इसकी मिट्टी में न जाने इतिहास के कितने पन्ने अभी भी छिपे हैं। झारखंड के हजारीबाग जिला के  कटकमदाग प्रखंड के गोदक्खर गांव के अंबेडकर नगर में खुदाई के दौरान एक अति प्राचीन मूर्ति मिली है। यह 9वीं और 10वीं सदी के बीच की बताई जा रही है। आर्कियोलॉजिस्ट डॉ। नीरज मिश्रा ने इसका दावा किया है। गांव में खुदाई के दौरान पाल वंश के समय की एक अति प्राचीन उमा महेश्वर की मूर्ति मिली है। रांची यूनिट के आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज मिश्रा ने यह दावा किया है। (पाल वंश: पूर्वी भारत (बंगाल, बिहार) में इनका शासन था, और इस वंश के धर्मपाल जैसे शासकों ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की। उक्त गांव के अंबेडकर नगर की रहने वाली धनवा देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास मिला था। वह आवास बनाने के लिए नींव के लिए जेसीबी से खुदाई करा रही थीं। तभी उन्हें मिट्टी में दबी यह अति प्राचीन मूर्ति मिली। जैसे ही यह खबर पूरे इलाके में फैली, वहां के लोगों ने र्कियोलॉजिस्ट डॉ। नीरज मिश्रा को फोटो और वीडियो भेजे। फोटो और वीडियो देखने के बाद उन्होंने यह नतीजा निकाला कि यह मूर्ति 9वीं से 10वीं सदी के बीच की है, जो उमा महेश्वर की है।

ये भी पढ़े

हिन्दुओं की आस्था को रौंद कर आगे बढ़ने की कट्टरपंथी सोच

मूर्ति मिलने से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। जिसके जमीन से मूर्ति निकली है, उसने इसे अपने घर में संभाल कर रखा है और पूजा-पाठ शुरू कर दिया है। लोग इसे देखने के लिए उमड़ रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि उन्हें गांव में एक मंदिर बनाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा करनी चाहिए। कुछ लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अब आगे क्या होगा। एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी बात बताते हुए कहा कि जमीन की खुदाई के दौरान यह मूर्ति मिली है। हजारीबाग के छड़वा डैम क्षेत्र में अति प्राचीन अवशेष बिखरे पड़े हैं, जहां आर्कियोलॉजिस्ट स्टडी के लिए गए थे, लेकिन अभी तक यहां अन्वेषण का काम शुरू नहीं हुआ है। दूसरी ओर, हजारीबाग के बहुरनपुर में बुद्ध की एक अति प्राचीन मूर्ति मिली थी। ऐसे में यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बेहद समृद्ध है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि मिट्टी में दबी हजारों साल पुरानी धरोहर विश्व पटल के सामने आ सके। यह उल्लेखनीय है कि उमा-महेश्वर की मूर्ति की परिकल्पना का उद्भव प्रारंभिक मध्यकालीन काल में हुआ माना जाता है। इस शैली की सबसे पुरानी ज्ञात प्रतिमाएं 5वीं से 8वीं शताब्दी ईस्वी के बीच की हैं। इस काल के दौरान, शिव और पार्वती की दिव्य जोड़ी (उमा-महेश्वर) को एक साथ आलिंगनबद्ध दर्शाने वाली मूर्तियां लोकप्रिय हुईं, जो दिव्य प्रेम और ब्रह्मांड में मर्दाना और स्त्री ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक हैं।

सबसे पुरानी मूर्तियाँ: कुछ शुरुआती उमा-महेश्वर प्रतिमाएं 4थी से 7वीं शताब्दी ईस्वी की बताई जाती हैं, जिनमें गया, बिहार में मिली एक मूर्ति भी शामिल है जो अब पटना संग्रहालय में है।

ये भी पढ़े

बायोमेट्रिक जांच से लाखों संदिग्ध घुसपैठियों पर शिकंजा कसा

प्रचलन: 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच यह मूर्तिकला शैली अपने चरम पर थी, खासकर पाल वंश के शासनकाल में (पूर्वी भारत और बांग्लादेश में) और नोलाम्बा राजवंश (दक्षिण भारत में) के क्षेत्रों में। इस समय की कई कांस्य और पत्थर की मूर्तियाँ संग्रहालयों में संरक्षित हैं, जैसे कि नई दिल्ली और न्यूयॉर्क के संग्रहालयों में।

सांस्कृतिक प्रभाव: उमा-महेश्वर की अवधारणा 10वीं-11वीं शताब्दी में गुजरात के सोम शर्मा के प्रभाव में एक महत्वपूर्ण पंथ के रूप में उभरी, जिसने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में कला और धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित किया। यह दर्शाता है कि उमा-महेश्वर मूर्ति की परिकल्पना एक विशिष्ट काल में विकसित हुई और सदियों तक भारतीय कला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

Spread the love

Mafia
Crime News homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

शाइस्ता परवीन बेटे के अंतिम दर्शन करने पहुंची थी? पुलिस ने दिया बड़ा जवाब

Mafia अतीक अहमद की पत्नी और उमेश पाल हत्याकांड में वांछित शाइस्ता परवीन एक बार फिर चर्चा में है। अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए हटवा गांव लाया गया। इस दौरान यह चर्चा तेजी से फैल गई कि शाइस्ता परवीन बुर्के […]

Spread the love
Read More
NCR
homeslider National Weather

मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

NCR राजधानी दिल्ली में भारी बारिश के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बीते दिन रेड अलर्ट के बाद आज दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने करीब 15 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कई […]

Spread the love
Read More
Political
Analysis homeslider Politics

मुखर योगी और अखिलेश की सियासी कसमकस

Political मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। वो दोपहर 12 बजे सो कर उठते थे। दो बजे तैयार होते थे। पांच बजते-बजते उनके जिम जाने का समय हो जाता था और शाम 7 […]

Spread the love
Read More