
Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को दावा किया कि जांच में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी की घटनाओं की संख्या 70 से बढ़कर 105 हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बीजेपी पर भी सवाल उठाए। यह आरोप ऐसे समय सामने आया है, जब मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) जल्द चार्जशीट दाखिल करने वाली है।
CCTV जांच में सामने आईं 105 घटनाएं
सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, SIT ने राम मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। जांच में कथित तौर पर 105 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें दान की रकम को बिना अनुमति हटाने या ले जाने की घटनाएं रिकॉर्ड हुईं। जांच में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को भी शामिल किया गया है।
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इससे पहले शुरुआती जांच में 70 घटनाओं का जिक्र सामने आया था। नई जांच में यह संख्या बढ़कर 105 होने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई है। हालांकि, इन सभी घटनाओं में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
25 सितंबर तक दाखिल हो सकती है चार्जशीट
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। जांच एजेंसी ने कथित घटनाओं से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल के लिए CCTV फुटेज के साथ अन्य साक्ष्यों का भी इस्तेमाल किया है।सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है। अदालत के सामने जांच की प्रगति और आगे की कानूनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी रखी गई है।
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अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना
SIT की जांच से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर BJP पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी गंभीर मामला है। यादव ने यह भी दावा किया कि इन घटनाओं के CCTV फुटेज मौजूद हैं। हालांकि, BJP की ओर से कथित चोरी की घटनाओं में पार्टी के शामिल होने का आरोप एक राजनीतिक दावा है। SIT की सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में बीजेपी को इन घटनाओं में आरोपी ठहराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
जून में शुरू हुई थी जांच
मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जून 2026 में SIT गठित की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जांच की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी। अदालत ने जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवश्यक साक्ष्यों की पड़ताल करने पर जोर दिया था। अब सभी की नजर SIT की चार्जशीट पर है। इसमें कथित चोरी की घटनाओं, CCTV साक्ष्यों, आरोपियों की भूमिका और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
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