- इस दौरान कचहरी परिसर गुट आए आमने-सामने, घंटे चला हंगामा
- पुलिस फोर्स ने काफी मशक्कत के बाद कराया मामले को शांत
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। वाराणसी निवासी सरगना शुभम जायसवाल के सहयोगी माने जाने वाले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा को भारी सुरक्षा के बीच मंगलवार लखनऊ की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर दो गुटों के बीच जमकर पर बहस हुई है।
बताया जा रहा है इस दौरान जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। हालांकि मौके पर मौजूद भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने हालात को काबू में पा लिया। बताते चलें कि यूपी में ज़हरीले कफ सिरप की सप्लाई करने के आरोप में पकड़े गए बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा को मंगलवार लखनऊ की अदालत में पेश किया गया। बताया जा रहा है पेशी के दौरान रिमांड को लेकर जमकर बहस हुई है।
जिसके चलते कचहरी परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अफसरों को मौके पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स मंगानी पड़ी। बताया जा रहा है कि अदालत परिसर में अधिवक्ताओं के दो गुट आमने-सामने आ गए। इस बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कचहरी परिसर में पीएसी बल व पुलिस के आलाधिकारी अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अफसरों का कहना है कि स्थिति काबू में है और अदालत परिसर में हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
