ज्योर्तिमठ। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल गुरूवार 27 नवंबर को अधिवर्षता एवं सेवा पूर्ण होने के बाद सेवानिवृत्त हो गये। इस अवसर पर देर शाम नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ कार्यालय सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में बदरीनाथ धाम रावल अमरनाथ नाथ नंबूदरी सहित बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान तथा अधिकारियों कर्मचारियों ने फूल माला पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट करने के पश्चात शॉल ओढ़ाकर धर्माधिकारी थपलियाल का सम्मान किया। अपने संदेश में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने धर्माधिकारी के सेवानिवृत्ति अवसर पर शुभकामनाएं दी तथा उनके दीर्घ जीवन की कामना की।
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कार्यक्रम में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित अधिकारी-कर्मचारियों तथा आचार्यों ने उनके सेवाकाल की सराहना की। विदाई सम्मान समारोह में आये धर्माधिकारी के परिजनों का भी बीकेटीसी की ओर से सम्मान किया गया। इस अवसर पर धर्माधिकारी ने सभी का आभार जताया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि राधाकृष्ण थपलियाल ने बदरीनाथ धाम में अपने कार्यकाल के दौरान मर्यादाओं, परंपराओं तथा धार्मिक व्यवस्थाओं को पूरी निष्ठा से संचालित किया। उनकी कार्यशैली तथा शांत स्वभाव उनकी पहचान रही। बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि धर्माधिकारी थपलियाल ने यात्रा सीजन में प्रतिदिन बढ़ते दायित्वों के बीच अनुशासन और सजगता के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने समिति की ओर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी व कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल ने धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल की बदरीनाथ केदारनाथ में की गयी सेवाओं की प्रशंसा की। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल ने तीन दशक से अधिक समय तक बीकेटीसी में वेदपाठी, अपर धर्माधिकारी, तथा धर्माधिकारी पदों पर रह कर भगवान बदरीविशाल की सेवा की तथा अपनी सादगी एवं विद्वत्ता से सभी को प्रभावित भी किया।
