भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MPSOS) और एजुकेट गर्ल्स द्वारा संयुक्त रूप से भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रम की व्यापक समीक्षा करना था। इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के संचालक रविन्द्र कुमार सिंह सम्मिलित रहे, उनके साथ अकादमिक शाखा से सहायक संचालक सच्चिदानंद प्रसाद, परीक्षा शाखा से सहायक संचालक राम वैद्य, तथा ई.एफ.ए. विद्यालय से सहायक संचालक रमाकांत तिवारी भी उपस्थित रहे इसके अलावा प्रमुख शैक्षणिक विशेषज्ञों सहित कुल 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एनईपी 2020) , राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF 2023) और NCERT के आधार पर वैकल्पिक एवं दूरस्थ शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि लंबे समय से पाठ्यक्रम में अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए इसे सरल, लचीला और स्थानीय भाषाओं के अनुरूप बनाना समय की मांग है। MPSOS के डायरेक्टर रविंद्र कुमार सिंह ने पाठ्यक्रम अपडेट करने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पाठ्यक्रम अपडेट नहीं हुआ है, और अब समय आ गया है कि हम स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों के बारे में सोचते हुए पाठ्यक्रम को अपडेट करें। एजुकेट गर्ल्स गैर लाभकारी संस्था के कंटेंट डेवलपमेंट लीड अरविंद कुमार ने कंटेंट को सरलीकरण करने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MPSOS पाठ्यक्रम की समीक्षा और अद्यतन करना था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सुधार और आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
अकादमिक विशेषज्ञों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभिन्न विषयों की समीक्षा के कार्य सौंपे गए। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि NIOS सामग्री को सरल और संक्षिप्त किया जाए तथा छात्रों को मजबूत और सुलभ पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। MPSOS के डायरेक्टर रविंद्र कुमार सिंह ने सभी सुझावों की सराहना करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि पिछले वर्ष (जून+दिसंबर) में 17,000 छात्रों ने ओपन स्कूल की परीक्षाओं में भाग लिया था। इस वर्ष यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है और अनुमान है कि 18,000 से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देंगे, जो बढ़ती जागरूकता और ओपन स्कूलिंग की प्रासंगिकता को दर्शाता है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MPSOS पाठ्यक्रम की समीक्षा और अद्यतन करना, तथा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुरूप परीक्षा स्वरूप एवं सामग्री में सुधार करना था। सभी प्रतिभागियों ने इस दिशा में व्यापक सुधार और आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
