ममता SIR के विरोध के नाम पर दे रही हैं घुसपैठियों का साथ

Untitled 20 copy 15
अजय कुमार                               
अजय कुमार

पश्चिम बंगाल में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) प्रक्रिया का जबर्दस्त विरोध कर रही हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यह प्रक्रिया भाजपा द्वारा अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम वोटर्स को निशाना बनाने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। ममता का यह भी आरोप है कि SIR के तहत घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से हटाने का नाम लेकर असली वोटरों को भी परेशान किया जा रहा है, जिससे उनका वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। इस विरोध के पीछे दो पहलू हैं: एक तो ममता का अल्पसंख्यक वोट बैंक बचाने का प्रयास, और दूसरा पश्चिम बंगाल में चुनावी फायदे की नजर से यह विरोध। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए असम जैसे भाजपा शासित राज्यों में इस प्रक्रिया को लागू न करने की निंदा की है। ममता ने चुनाव आयोग को कई बार पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को अव्यवस्थित, खतरनाक और बिना तैयारी के बताया है और इसे रोकने की मांग की है।

ये भी पढ़े

आक्रामक साज़िशों के बीच संविधान की असल ताक़त

पश्चिम बंगाल में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को इस प्रक्रिया में काम करने में जो परेशानी हो रही है, वह तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार के SIR विरोध के चलते है। BLO यूनाइटेड फोरम के अनुसार, प्रदेश में BLO को राजनीतिक संरक्षण वाले अपराधी तत्व धमका रहे हैं, जिससे वे अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे। BLO के लिए उचित सुरक्षा, ट्रेनिंग और प्रशासनिक सहूलियत नहीं मिल रही है; वे अपने स्कूलों में भी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं और उनके ड्यूटी आवंटन में अनियमितता है। इसके अलावा, उन्हें काम का अत्यधिक दबाव, डेटा में त्रुटियां, सर्वर फेलियर जैसी तकनीकी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं और बिना कारण बताए डिसिप्लिनरी एक्शन की धमकियां मिल रही हैं। ममता सरकार की यह रणनीति BLO को भयभीत करके SIR प्रक्रिया को बाधित करने की है, ताकि फर्जी वोटर सूची में बने रह सकें और घुसपैठियों या फर्जी वोटर्स को हटाने की प्रक्रिया सफल न हो। इस कारण प्रभावी तरीके से केवल पश्चिम बंगाल में ही BLO को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं। ममता ने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाया है कि वे SIR प्रक्रिया के तहत लगने वाले दबाव और समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि BLO अपने हद से ज्यादा काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया के रूप में पुलिस कार्रवाई व अन्य समर्थन नहीं मिल रहा, जिससे BLO और ज्यादा दबाव में हैं।

ये भी पढ़े

नीतीश का सुशासन मॉडल अब भाजपा की कसौटी पर, सम्राट चौधरी की बड़ी परीक्षा शुरू

इस प्रकार, ममता सरकार का SIR विरोध और BLO पर हो रहे दबाव की जड़ में सीधा राजनीतिक हित है। ममता बनर्जी अल्पसंख्यक वोटरों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अपने राजनीतिक प्रभाव को बचाने के लिए इस प्रक्रिया का विरोध कर रही हैं। BLO  जो घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच कर रहे हैं, उन्हें दंडित करने, धमकाने एवं उनकी सहायता रोकने की क्रियाएं इस विरोध का हिस्सा हैं। पश्चिम बंगाल में यह स्थिति इसलिए विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि यहां के वोट बैंक में अल्पसंख्यकों का बड़ा हिस्सा है और ममता सरकार उसे खोना नहीं चाहती। कुल मिलाकर, ममता बनर्जी का SIR विरोध घुसपैठियों के वोट को लेकर उनकी चिंता के साथ-साथ चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जबकि BLO को इस प्रक्रिया में कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव की वजह से काम करना कठिन हो रहा है, और ममता सरकार इन दबावों और बाधाओं को बढ़ा रही है ताकि SIR प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावी न हो सके।

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल

Today’s Horoscope आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और खुशखबरी लेकर आया है। कुछ लोगों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ को स्वास्थ्य, खर्च और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल। मेष : व्यापारिक नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। बड़े […]

Spread the love
Read More
brake up
homeslider National

अब प्यार इश्क और मोहब्बत समझने वालों को भी मिलेगा तीन लाख तक का बड़ा सैलरी पैकेज

brake up  अगर आप अपने पार्टनर से रिश्ता खत्म करना चाहते हैं लेकिन सामने बैठकर “ब्रेकअप” कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, तो अब इसका भी “प्रोफेशनल समाधान” बाजार में आ गया है। एक डेटिंग प्लेटफॉर्म ने ऐसी नौकरी निकाली है, जिसमें किसी और की तरफ से ब्रेकअप की बात कही जाएगी और […]

Spread the love
Read More
8th Pay Commission
Business homeslider

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! जुलाई में होंगी अहम बैठकें…जानिए कब बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से बड़ी उम्मीदें हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि नया वेतनमान कब लागू होगा, फिटमेंट फैक्टर कितना रहेगा और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसी बीच आयोग ने अपनी प्रक्रिया तेज करते हुए कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स […]

Spread the love
Read More