प्रशासन तेज-पारदर्शी और जनकेंद्रित बने : धामी

Untitled 6 copy 28

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ एवं युवा IAS अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी प्रशासन के लिए संवेदनशील और आत्मीय भावनाओं को साझा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में अनेक चुनौतियों का सामना किया है और इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कड़ी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील प्रशासन का परिचय दिया है। इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से साधुवाद देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय अधिक गति, अधिक दृढ़ता और अधिक संकल्प के साथ काम करने का है। उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक होंगे और हमें राज्य को ऐसे मोड़ पर लेकर जाना है, जहाँ हर नागरिक यह महसूस करे कि राज्य निर्णायक और सकारात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि—प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। हर योजना और निर्णय लक्ष्य-आधारित और जन-केंद्रित होना चाहिए। व्यवस्था ऐसी बने कि फाइलों का निस्तारण समयबद्ध हो। योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर तुरंत दिखाई दे |हर प्रक्रिया में जवाबदेही स्पष्ट हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी मूल भावना का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं चुनी होगी, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी होगी।

उन्होंने कहा कि आपके निर्णय सीधे लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं। इसलिए संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और तथ्यपरक सोच अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को आहत करती हैं।लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सूर्यप्रताप सिंह, टी एन. शेषन, नृपेंद्र मिश्र जैसे अनेक अधिकारी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी ईमानदारी, संकल्प और जनसेवा के माध्यम से समाज में स्थायी छाप छोड़ी।

Spread the love

BKTC Inquiry
Uttarakhand

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर विवाद, शिकायत के बाद BKTC ने शुरू की जांच

शिकायत के बाद BKTC ने जांच के दिए आदेश, रिपोर्ट आने तक आरोपों की पुष्टि नहीं BKTC Inquiry :  उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना को लेकर लगाए गए कथित अनियमितता के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े […]

Spread the love
Read More
Untitled 4 copy
homeslider Uttarakhand

“इस्तीफा नहीं दूंगी” बयान पर घमासान: ममता बनर्जी को लेकर वरिष्ठ वकील का बड़ा संवैधानिक दावा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “मैं इस्तीफ़ा नहीं दूँगी, मैं हारी नहीं हूँ” वाले बयान पर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि “संविधान के अनुसार, जहाँ तक पद पर बने रहने की बात है,  हमारे सामने पहले भी ऐसे हालात आए हैं जहाँ मुख्यमंत्री ने […]

Spread the love
Read More
National Park
homeslider Uttarakhand

Corbett National Park: तीन वनकर्मियों की हत्या के जुर्म में कैद रहा खूंखार विक्रम नहीं रहा

पाँच सितारा फैसिलिटी में जीवन यापन कर रहा था “विक्रम” रंजन कुमार सिंह रामनगर/नैनीताल। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला रेंज के रेस्क्यू सेंटर में रखे गए चर्चित नर बाघ ‘विक्रम’ की मौत हो गई है। विक्रम ने 21 साल की उम्र तक जीवन जिया। विक्रम का जीवन वन्यजीव इतिहास में […]

Spread the love
Read More