- बाकायदा पोस्टर बनाकर बेचे जा रहे नौ पतिया बेलपत्र
हेमंत कश्यप
जगदलपुर। बस्तर के जंगलों में वृहद पैमाने पर पाए जाने वाले नौ पत्तियां बेल का छत्तीसगढ़ के ही शबरीनारायण क्षेत्र में जमकर कारोबार हो रहा है। यहां एक नौ पतिया बेलपत्र को पाँच रूपये तक में बेचा जा रहा है। यह देवलोक स्वर्ग से उतरी हुई तथा इसके दर्शन मात्र से समस्त पापों का निवारण होता है, कहकर तथा बाकायदा पोस्टर बनाकर बेचा जा रहा है। बताते चलें कि आमतौर पर पवित्र बेलपत्र बेल तीन पत्रों का होता है। नौ पतिया बेलपत्र को महाबिल्व कहा जाता है। इसमें छह से लेकर 13 पत्तियां होती हैं। इसलिए इसे अतिशुभ और दुर्लभ मानकर लोग बड़ी श्रद्धा से भोलेनाथ को चढ़ाते हैं।
बस्तर में सर्वाधिक पेड़
महाबिल्व पत्र को आमतौर पर लोग नौ पतिया बेलपत्र कहते हैं अंग्रेजी में इसे नारिंगी केनुलाटा (रॉक्सब) कहा जाता है। बस्तर के जंगलों में इसके पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। प्रदेश के कुछ जंगलों में भी महाबिल्व मौजूद है।
सोशल मीडिया ने किया प्रचारित
आमतौर पर लोग तीन पतिया बेलपत्र को शिव पूजा में चढ़ाते आए हैं। पिछले 15 वर्षों से बस्तर के नौ पत्तियों वाले बेलपत्र की चर्चा सोशल मीडिया में लगातार हो रही है। जिसके चलते नौ पतिया बेलपत्र का उपयोग पूजा पाठ में बढ़ गया है इसलिए शिवभक्त इसे शिव आराधना के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए हर कीमत पर खरीदने तैयार रहते हैं।
पांच रूपये में एक पत्र
पिछले तीन वर्षों से शबरीनारायण क्षेत्र में नौ पतिया बेलपत्र को बाकायदा देवलोक स्वर्ग से उतरी हुई तथा इसके दर्शन मात्र से समस्त पापों का निवारण होता है, कहकर बकायदा पोस्ट बनाकर इसे बेचा जा रहा है बताया गया कि एक नौ पतिया बेलपत्र की कीमत वहां 5 रूपये रखी गई है।
