मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति की चीनी मिल संघ में उड़ाई जा रहीं धज्जियां

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  • गन्ना मंत्री व एसीएस को नहीं दिख रहा प्रधान प्रबंधक तकनीकी का भ्रष्टाचार!
  • एसीएस गन्ना ने करोड़ों के भ्रष्टाचारी अधिकारी को संविदा पर रख वसूली का दिया मौका
  • गन्ना मंत्री ने गोलमाल करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाए साध रखी चुप्पी

राकेश यादव 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री और अपर मुख्य सचिव (ACS) गन्ना को प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल का भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं पड़ रहा है। करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने वाले इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। दिलचस्प बात तो यह है ACS को जिस भ्रष्टाचारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए वह उसकी संविदा पर नियुक्ति देकर उसे संरक्षण प्रदान करने में जुटी है। यह मामला संघ के अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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उल्लेखनीय है कि संविदा पर प्रधान प्रबंधक तकनीकी के पद नियुक्त किए गए विनोद कुमार अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में एक ऐसी फर्म को आधा दर्जन चीनी मिलों के इंस्ट्रूमेंट उपकरणों की मेंटेनेंस का काम दे दिया जिसको तकनीकी कार्य करने का कोई अनुभव ही नहीं प्राप्त है। सूत्र बताते है कि नानपारा, बेलरायां, संपूर्णानगर, अनूपशहर और पुवायां चीनी मिलों के CMC/AMC (वार्षिक मेंटिनेंस) की लिए ई निविदा चीनी मिल संघ की केंद्रीय क्रय प्रणाली के अन्तर्गत निकाली गई थी। प्रधान प्रबंधक तकनीकी ने इस ई निविदा की पात्रता, नियम और शर्तों में मन मुताबिक नियम शर्तें रखकर सभी नियमों को दरकिनार कर इस कार्य की दर संविदा का कार्यादेश लखनऊ की फर्म सप्लॉक टेक्नोलॉजीज एलएलपी फर्म को आवंटित कर दिया गया। इस फर्म को मिल में लगे बॉयलर एवं बायलिंग हाउस में स्थापित ऑटोमेशन उपकरणों के मरम्मत एवं रखरखाव का कोई अनुभव ही नहीं है। चीनी मिल संघ के आला अफसर और प्रधान प्रबंधक तकनीकी इस फर्म पर इस कदर मेहरबान है कि इस फर्म को जारी की गई दर संविदा के कार्यदेशों में 60 से 90 प्रतिशत तक का भुगतान फर्म को परफॉर्मा इनवॉइस के आधार पर पहले ही कर दिया, जबकि पूर्व में यह भुगतान कार्य होने के बाद किया जाता रहा है।

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प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद कुमार अग्रवाल के भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक तकनीकी/ क्रय का प्रभार संभालते ही उन्होंने संघ द्वारा ब्लैक लिस्टेड की गई मेरठ की अम्बा प्रसाद जैन की फर्म को काली सूची से निकालकर कई सहकारी चीनी मिलो में खराब गुणवत्ता के जूस पंपों की सप्लाई का आर्डर दिया। जबकि संघ की जारी संविदा दर में किर्लोस्कर मेक एवं अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों की तुलना में अम्बा प्रसाद जैन को भी उसकी बनाई गई प्राइस लिस्ट पर डिस्काउंट दिखाकर संविदा दर जारी कर हर साल लाखो रुपए के अम्बा मेक के ही जूस पम्प खरीदे गए हैं। प्रधान प्रबंधक को मोटा कमिशन देकर मेरठ की फर्म ने लाखों रुपए का गोलमाल किया। अम्बा प्रसाद जैन फर्म के पम्प केवल सहकारी चीनी मिलों में ही उपयोग किए जाते है निजी क्षेत्र की कोई भी चीनी मिल नहीं उपयोग करती है। यही नहीं सेंट्रीफ्यूगल पम्प की तरह ही केंद्रीय क्रय प्रणाली के तहत सहकारी मिलों के लिए खरीदे जाने वाले सामानों जैसे वेल्डिंग इलेक्ट्रोड्स, बॉल एंड रोलर बियरिंग्स इत्यादि की संविदा दर संविदा में प्रधान प्रबंधक ने सीवीसी की गाइडलाइंस का किया खुला उल्लंघन किया। इसके साथ ही प्रमुख आइटम में एल-1 के साथ साथ पार्टी से सांठगांठ करके मोटा कमिशन लेकर एल-2, एक-3 एल 4 सहित सभी पार्टियों को उनकी मनचाही प्राइस लिस्ट पर डिस्काउंट देकर आठ सालों में करोड़ों का घोटाला किया है। यह भ्रष्टाचार गन्ना मंत्री और एसीएस गन्ना को दिखाई ही नहीं पड़ रहा है। भ्रष्ट अधिकारी के संबंध में जब इनसे बात करने का प्रयास किया गया तो इनसे बात नहीं हो पाई।

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कब तक रिटायर अफसरों के भरोसे चलेगा चीनी मिल संघ

उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ और चीनी मिलों में दर्जनों की संख्या में सेवानिवृत अधिकारियों को संविदा पर नियुक्ति देकर काम कराया जा रहा। संविदा पर नियुक्ति प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद कुमार अग्रवाल का भी नाम जुड़ गया है। करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले सेवानिवृत विनोद कुमार अग्रवाल को चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास की एसीएस वीना कुमारी मीना ने संविदा पर प्रधान प्रबंधक तकनीकी के पद पर नियुक्ति किए जाने की अनुमति प्रदान कर दी। उन्हें संविदा पर नियुक्ति दे भी गई है। इसी प्रकार मुख्य लेखाधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए सतेंद्र श्रीवास्तव को हटाने के बजाए मुख्य लेखाधिकारी का काम सौंप रखा गया है। इसके अलावा एसपी दीक्षित, आरके गुप्ता, दीपक सिंह, सुदर्शन मेहरोत्रा, हीरालाल पाल, एमएन जोशी, रामसिंह, सत्यदेव, राजेश सरीखे कई लोगों को रिटायरमेंट के बाद भी संघ में लगा रखा गया। यह रिटायर लोग कमाई का कोई मौका छोड़ना नहीं चाह रहे है। इन लोगों ने फेडरेशन में जमकर लूट मचा रखी है।

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