- डीसी लाउंज के बिष्टुपुर और साकची प्रतिष्ठानों में हमले का मामला
- प्रतिष्ठान में अमानवीय तरीके से तोड़फोड़ की गई
- बिष्टुपुर थाना प्रभारी साकची क्षेत्र में क्या करने गये थे
- क्यों उन्होंने आठ मोटरसाइकिलें छुड़वाई, लोगों को हड़काया
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर साकची एवं बिष्टुपुर में डीसी लाउंज नामक प्रतिष्ठान पर हुए नियोजित तोड़फोड़ के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। सरयू राय ने इस घटना के आलोक में बिष्टुपुर थाना प्रभारी की भूमिका की जाँच कर विधिसम्मत कारवाई करने को भी कहा है। सरयू राय ने एसएसपी (वरीय पुलिस अधीक्षक) को लिखे पत्र में कहा कि वह गुरुवार की दोपहर डीसी लाउंज के बिष्टुपुर और साकची स्थित प्रतिष्ठानों में गये थे। उन्होंने वहां तोड़फोड़ का दृश्य देखा। डीसी लाउंज, बिष्टुपुर प्रतिष्ठान में जिस तरह की अमानवीय हरकत एक अत्याचारी समूह द्वारा की गयी है और जिस वीभत्स तरीका से प्रतिष्ठान को नुकसान पहुँचाया गया है, वह कल्पना से परे है। उन्होंने एसएसपी को याद दिलाया कि उन्होंने घटनास्थल से ही उन्हें फोन कर दोषियों के खिलाफ कठोर कारवाई करने का आग्रह किया था।
सरयू राय ने लिखा कि उन्हें आसपास के लोगों ने हमला के दिन की घटना के साथ ही इस क्षेत्र में हर रोज घट रही दंबगई का जैसा वर्णन किया, वह रोंगटे खड़ा करने वाला था। उन्होंने बताया कि इस इलाके में एक दबंग समूह सभी व्यवसायियों को धमकाते रहता है, परेशान करता है, अड्डेबाजी करता है और व्यवसायियों को भयभीत करता है। यह दबंग समूह चाहता है कि यहाँ के व्यवसायी और निवासी या तो इनके चंगुल में रहे या इलाका छोड़ दें। पत्र में सरयू राय ने लिखा है कि वह डीसी लाउंज के साकची स्थित प्रतिष्ठान पर भी गये। वहां आसपास के कम से कम सौ की संख्या में नागरिक एवं व्यवसायी एकत्र हो गए और बताया कि किस प्रकार बिष्टुपुर से आकर एक दबंग और आततायी समूह ने उस दिन वहां उधम मचाया। उनके प्रतिरोध में साकची के नागरिक इकट्ठा हो गए, प्रतिरोध किया तो वे वहाँ से भाग खड़ा हुए। इस क्रम में उनकी पांच मोटरसाइकिलें वहीं पर छूट गयीं। नागरिकों ने साकची थाने को इस हमले के बारे में सूचित किया और आग्रह किया कि हमलावरों की मोटरसाइकिलों को साकची थाना अपने कब्जे में लेकर आगे की कारवाई करे।
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पत्र में विधायक ने लिखा कि उन्हें स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बीच बिष्टुपुर थाना के प्रभारी अपने वाहन से वहां आए। उनके साथ पुलिस बल भी था। उन्होंने वहां एकत्रित लोगों के साथ डांट-डपट की, फटकारा, तितर बितर किया। उनके वाहन से 7-8 व्यक्ति उतरे और खड़ी मोटरसाइकिलों को स्टार्ट कर लेते गए। इसके बाद बिष्टुपुर थाना प्रभारी भी वहां से चले गए। इससे हमलावरों और बिष्टुपुर के थाना प्रभारी के बीच सांठ-गांठ उजागर होती है। साकची थाना से पूछताछ करने पर पता चला कि बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने साकची थाने में आकर इस क्रूर हमला के दोषियों की मोटरसाइकिलें वहाँ से ले जाने के बारे में साकची थाना प्रभारी को सूचित किया था या नहीं, तो जानकारी मिली कि इस संबंध में बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने साकची थाना प्रभारी को कोई सूचना नहीं दी थी। जाहिर है, एक क्रूर अमानवीय हमला के दोषियों की सहायता कर एवं अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन कर बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने एक घृणित अपराधिक कांड में अपनी संलिप्तता का परिचय दिया और एक जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी की कर्तव्यपरायणता पर कलंक लगाया है। स्पष्ट है कि डीसी लाउंज के साकची और बिष्टुपुर में हुए हमला एवं तोड़फोड़ के लिए जितना दोषी हमलावर हैं, उतना ही दोषी बिष्टुपुर थाना प्रभारी भी हैं। सहसा विश्वास नहीं होता है कि एक थाना प्रभारी ने अपने थाना क्षेत्र में तथा पड़ोस के थाना क्षेत्र में उधम मचाने वाले दोषियों के विरूद्ध कारवाई करने के बदले में उनकी पूरी सहायता की है। सरयू राय ने SSP को लिखे पत्र में आग्रह किया है कि वे दोषी हमलावरों के विरूद्ध शीघ्र कठोर कानूनी कारवाई करें तथा बिष्टुपुर के थाना प्रभारी के आचरण की जांच कर उनके विरूद्ध भी विधिसम्मत कारवाई करें।
