लखनऊ। हिंदू धर्म में कलावा, मौली या रक्षा सूत्र का विशेष महत्व है। पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान हाथ में कलावा बांधने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि आस्था, सुरक्षा और शुभता का प्रतीक है। पुरुष और स्त्रियों के लिए इसे बांधने के नियम अलग-अलग बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि महिलाओं और कन्याओं को किस हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है।
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महिलाओं के लिए कलावा बांधने का नियम
- शास्त्रों के अनुसार महिलाओं और कन्याओं को बाएं हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है।
- बायां हाथ स्त्रियों के लिए सौम्यता, सौंदर्य और शक्ति का प्रतीक है।
- बाएं हाथ में कलावा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
कन्याओं के लिए विशेष महत्व
- कन्याओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधना उनके दीर्घायु, स्वास्थ्य और सौभाग्य का कारक माना गया है।
- यह उन्हें देवी स्वरूप मानकर पूजने और उनकी रक्षा का प्रतीक है।
- माना जाता है कि कलावा बांधने से कन्याओं पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहती है।
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यह है धार्मिक मान्यता
- पुरुष दाहिने हाथ में कलावा बांधते हैं क्योंकि यह कर्म और धर्म का प्रतीक है।
- वहीं, स्त्रियां और कन्याएं बाएं हाथ में कलावा बांधती हैं क्योंकि यह चंद्र तत्व और शक्ति का द्योतक है।
- यह परंपरा वेदों और पुराणों से वर्णित है।
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कलावा बांधने के फायदे
- नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा।
- घर में सुख-समृद्धि और शांति।
- रोग और कष्टों से मुक्ति।
- जीवन में शुभता और मंगल कार्यों में सफलता।
- महिलाओं और कन्याओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधना अत्यंत शुभ माना गया है।
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