बिजली के निजीकरण की CBI जांच हो, CM योगी से की मांग

Untitled 32 copy
  • विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की मांग दीपावली पूर्व पर दिया जाए बोनस

लखनऊ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के मामले में  बड़े घोटाले की आशंका को देखते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ से निजीकरण के सारे प्रकरण में CBI जांच की मांग की है और कहा है कि निजीकरण का निर्णय प्रदेश के व्यापक हित में तत्काल निरस्त किया जाए। प्रदेश के योगी आदित्यनाथ द्वारा दीपावाली के पूर्व 15 लाख राज्य कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा का स्वागत करते हुए संघर्ष समिति ने मांग की है कि दीपावली पर रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगे बिजली कर्मियों को भी दीपावली के पूर्व बोनस दिया जाय।

संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि निजीकरण के मामले में प्रारंभ में ही जिस प्रकार अवैध ढंग से ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई, उससे बड़े घोटाले की आशंका बलवती हो गई थी। संघर्ष समिति ने आज ऐसे पांच बिंदुओं को सार्वजनिक करते हुए प्रदेश के योगी से मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को देखते हुए निजीकरण के सारे मामले की तत्काल CBI जांच कराई जाए और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त की जाय।

संघर्ष समिति ने कहा कि पहला बिंदु विगत वर्ष नवंबर में लखनऊ में विद्युत वितरण निगमों की डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2024 का आयोजन है जिसमें निजी घरानों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की थी और कार्यक्रम को स्पॉन्सर भी किया था। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की पृष्ठभूमि इसी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट में तैयार की गई थी। इस मीटिंग में देश के इतिहास में पहली बार शीर्ष प्रबंधन द्वारा आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन बनाई गई। उप्र में निजीकरण को अंजाम देने के दृष्टिकोण से उप्र पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गोयल को इसी मीटिंग में ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया और उप्र में ग्रेटर नोएडा में काम कर रही निजी कम्पनी एनपीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीआर कुमार की डिस्कॉम एसोशिएशन का ट्रेजरार बनाया गया।

ये भी पढ़े

ऐसी अजीब घटना न पढ़ी होगी, न जानी होगी, पति ने उठाया बड़ा कदम…

दूसरा बिन्दु ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति में हितों के टकराव को शिथिलता देना है। इसके साथ ही  झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनल्टी लगने की बात स्वीकार कर लेने के बाद भी ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्टन को नहीं हटाया गया और इसी कंसल्टेंट से निजीकरण के डॉक्यूमेंट तैयार कराए गए।

तीसरी बात बिडिंग हेतु तैयार किए गए RFP डॉक्यूमेंट के लिए ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 को आधार माना गया जो डॉक्यूमेंट आज तक पब्लिक डोमेन में ही नहीं है। इसके पूर्व सितंबर 2020 में ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट जारी किया गया था जिस पर ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन सहित कई संस्थानों की आपत्ति आई थी। इन आपत्तियों का आज तक निस्तारण नहीं किया गया है और गुपचुप ढंग से उत्तर प्रदेश में निजीकरण के पहले ड्राफ्ट बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 जारी कर दिया गया। ड्राफ्ट बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 को न पब्लिक डोमेन में रखा गया है न इस पर किसी की आपत्ती मांग की गई है। उत्तर प्रदेश में निजीकरण करने के लिए यह सब मिली भगत का बड़ा खेल है।

ये भी पढ़े

इश्क या पागलपन: INSTAGRAM पर प्यार का चढ़ा अजीब नशा और उठा लिया खतरनाक कदम

चौथा बिंदु यह है कि निजीकरण के सारे प्रकरण में कॉर्पोरेट घरानों को विश्वास में लेकर पूरी कार्यवाही की जा रहा है। टाटा पावर के CEO प्रवीर सिन्हा ने कई बार बयान देकर इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के RFP डॉक्यूमेंट उनसे चर्चा करके बनाया गए हैं। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि उप्र में बिजली के निजीकरण को लेकर कार्पोरेट घरानों के बीच ‘कार्टेल’ बन गया है जो बहुत गम्भीर बात है।

पांचवा बिंदु यह है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को कौड़ियों के मोल  निजी घरानों को बेचने के लिए इक्विटी को आधार मानकर बेचने की कोशिश की जा रही है। इक्विटी को लॉन्ग टर्म लोन में कन्वर्ट किए जाने के बाद 42 जनपदों की बिजली व्यवस्था मनचाहे कॉर्पोरेट घरानों को कौड़ियों के दाम मिल जाएगी।

ये भी पढ़े

प्रेमी युगल ने उठाया ऐसा कदम कि सन्न रह गए परिजन, जानें कहां का है मामला

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सब बिन्दु बहुत ही गंभीर है। उत्तर प्रदेश में बिजली की लाखों करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को लूट से बचाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को तत्काल हस्तक्षेप कर सारी प्रक्रिया रोकनी चाहिए और चल रहे घोटाले की उच्च स्तरीय CBI कराई जानी चाहिए। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मचारी, किसान, उपभोक्ता, व्हीसल ब्लोअर, सरकारी कर्मचारी, राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन सब मिलकर निजीकरण के पीछे हो रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते रहेंगे। निजीकरण के विरोध में अभियान और संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता। निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज 321 दिन पूरा होने पर बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

दो सौतन एक पति के साथ कैसे रहती हैं खुश जानें इसका राज…

Spread the love

Ram Mandir
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

दो टूक :  राम मंदिर दान में चोरी का कलंक धोना आसान नहीं होगा

राजेश श्रीवास्तव Ram Mandir 2024 में जब राम मंदिर भक्तों के लिए खुल गया तो लगा कि बस इस अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन मौजूदा घटना एक बार फिर राम मंदिर को सुर्खियों में ले आया और चंपत राय इन सुर्खियों के केंद्र में आ गये। करोड़ों की आस्था, लाखों का रोज दान […]

Spread the love
Read More
Theft of Donation Money
homeslider Raj Dharm UP

राम मंदिर चढ़ावा मामला: अब कमीशनखोरी के आरोप

Theft of Donation Money कांग्रेसी दिग्गज दिग्विजय सिंह ने दान वापस मांगने की कही बात समाजवादी पार्टी भी चंदाचोरी को बना सकती है यूपी में चुनावी मुद्दा नया लुक ब्यूरो अयोध्या। राम। हे राम। सीताराम। मर्यादा पुरुषोत्तम राम। लेकिन अब राम भी विवादों में हैं। उनके नाम की मर्यादा अब धूमिल हो रहीं है। भारत […]

Spread the love
Read More
BJP
Analysis homeslider Politics Raj Dharm UP

BJP अध्यक्ष का चार-पाँच को लखनऊ दौरा, चुनाव प्रभारी का नाम होगा तय!

BJP अध्यक्ष का चार-पाँच को लखनऊ दौरा, चुनाव प्रभारी का नाम होगा तय!भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का चार और पांच जुलाई को होने वाला लखनऊ दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव की आहट माना जा रहा है। आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह […]

Spread the love
Read More