‘बुलडोजर चलाना मतलब कानून तोड़ना’

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  • CJI जस्टिस बीआर गवई ने एक समारोह में कहा
  • सरकार एक साथ जज, जूरी और जल्लाद नहीं बन सकती
  • कानून के शासन में बुलडोजर एक्शन की जगह नहीं

नई दिल्ली। किसी आरोपी के खिलाफ बुलडोजर चलाना कानून की प्रक्रिया को तोड़ना है। सरकार एक साथ जज, जूरी और जल्लाद नहीं बन सकती चीफ बुलडोजर शासन संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण के अधिकार ) का उल्लंघन है। CJI जस्टिस बीआर गवई मॉरीशस में आयोजित सर मॉरिस रॉल्ट मेमोरियल लेक्चर 2025 में बोल रहे थे। इस दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल, प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और मुख्य न्यायाधीश रेहाना मंगली गुलबुल भी मौजूद थे।

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CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल के फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया था कि किसी आरोपी के खिलाफ बुलडोजर चलाना कानून की प्रक्रिया को तोड़ना है। इससे पहले 24 सितम्बर को CJI ने कहा था कि बुलडोजर एक्शन के खिलाफ आदेश देने पर उन्हें बेहद संतुष्टि मिली थी। इस फैसले में मानवीय पहलू भी जुड़ा था। किसी परिवार को सिर्फ इसलिए परेशान नहीं किया सकता कि उस परिवार का एक सदस्य अपराधी है। गवई ने कहा, बेंच में मेरे साथ जस्टिस केवी विश्वनाथन भी शामिल थे। हालांकि, ज्यादातर श्रेय मुझे दिया गया है, लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूं कि इस फैसले को लिखने का क्रेडिट जस्टिस विश्वनाथन को भी जाना चाहिए। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अफसर जज नहीं बन सकते। वे तय न करें कि दोषी कौन है। बेंच ने ये भी कहा था कि 15 दिन के नोटिस के बगैर निर्माण गिराया तो अफसर के खर्च पर दोबारा बनाना पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स के प्रमुख अंश

• बुलडोजर एक्शन से पहले 15 दिन का समय देना पड़ेगा, इसको न मानने वाले जिम्मेदार अधिकारी पूरा खर्च देंगे
• किसी को भी Show Cause नोटिस दिए बिना कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।
• यह नोटिस डाक के जरिए प्रॉपर्टी के मालिक को भेजी जाएगी और इसे उस प्रॉपर्टी की दीवार पर भी चिपकाया जाएगा।
• किसी भी एक्शन पहले नोटिस भेजने के बाद 15 दिन का समय भी दिया जाएगा। और इसकी जानकारी संबधित जिलाधिकारी को दी जाएगी।

• इसके बाद कार्रवाई पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी की तय होंगे।
• इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया जाएगा और इस पोर्टल में की गयी कार्रवाई का नोटिस और ऑर्डर अपलोड किया जाएगा।

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