- UPSC अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे हैं कोचिंग संस्थान
नयी दिल्ली। भ्रामक विज्ञापन देकर यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को करने में कोचिंग संस्थानों में होड़ सी लगी हुई है। ऐसे ही एक नामी-गिरामी कोचिंग संस्थान दृष्टि IAS का झूठा दावा सामने आया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने चर्चित कोचिंग संस्थान दृष्टि IAS पर इसी में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोचिंग संस्थान पर यह कार्रवाई 2022 के परीक्षा परिणामों को लेकर प्रकाशित भ्रामक विज्ञापन पर की गई है। पिछले साल भी CCPA ने दृष्टि IAS पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था क्योंकि यूपीएससी 2021 के रिजल्ट में दृष्टि कोचिंग संस्थान ने 161 अभ्यर्थियों के सेलेक्शन का झूठा दावा किया था।
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मिली जानकारी के मुताबिक दृष्टि IAS ने दावा किया था कि उसके मार्गदर्शन से 216 से अधिक उम्मीदवार चयनित हुए। इन दावों की जांच हुयी तो पता चला कि इसमें से 162 अभ्यर्थी केवल इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम से जुड़े थे। इन अभ्यर्थियों ने जिन्होंने प्री और मेंस परीक्षा दृष्टि IAS की कोचिंग के दम पर नहीं बल्कि अपनी मेहनत से पास की थी। केवल 54 उम्मीदवार ही इंटरव्यू गाइडेंस के साथ अन्य कोर्स में नामांकित थे। इस प्रकार अधिकांश सफलताओं में संस्थान का योगदान न के बराबर था। दिलचस्प बात ये है कि पिछले साल भी CCPA ने दृष्टि IAS पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगा चुका है। इस साल दृष्टि IAS ने UPSC 2021 के रिजल्ट में 161 अभ्यर्थियों के सेलेक्शन का दावा किया था। तब CCPA ने संस्थान पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और भ्रामक विज्ञापन रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इस संस्थान के संचालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा और 2022 में फिर बड़े दावे कर डाले।
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CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा कि इस तरह के विज्ञापन छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करते हैं और यह एक अनुचित व्यापारिक प्रथा है। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के तहत इसे गंभीर उल्लंघन माना गया है, क्योंकि इससे अभ्यर्थियों की निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रभावित होती है। CCPA का कहना है कि सभी कोचिंग संस्थानों को अपने विज्ञापनों में सटीक और पारदर्शी जानकारी देनी होगी। अब तक 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि 26 पर 90.6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है।
