दुर्गा विसर्जन के दौरान तालाब में गिरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 11 लोगों की मौत

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खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पंधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्दला में गुरुवार शाम को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिर गई। हादसे में आठ बच्चियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें नौ साल के बच्चे से लेकर 25 साल तक के युवा हैं। तीन लोगों की हालत गंभीर है। करीब 35 से 40 लोगों के डूबने की जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। पंधाना थाना पुलिस के मुताबिक, अर्दला गांव में गुरुवार शाम करीब चार बजे देवी विसर्जन के लिए कच्चे पुल पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग पानी में जा गिरे। उनको बचाने के लिए 10-15 लोगों ने तालाब में छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर शाम करीब पाँच बजे पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रात नौ बजे तक 11 शव निकाले जा चुके थे। सूचना मिलने पर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता समेत प्रशानिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।

खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं था। अति उत्साह में वे लोग ट्रॉली समेत नीचे उतर गए। ट्रॉली पलटने से सभी लोग पानी में डूब गए। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे तक 11 लोगों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया है। रेस्क्यू के लिए बुरहानपुर और ओंकारेश्वर से भी NDRF  की टीम को बुलाया गया था। रात नौ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। आखिरी शव चंदा नाम की बच्ची का निकाला गया। उन्होंने बताया कि मृतकों को RBC  की धारा के तहत चार-चार लाख रुपये की राहत राशि देने के साथ ही शासन से राहत दिलवाने की के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि मृतकों में आयुष (9) पुत्र भारत , रेव सिंग (13) पुत्र मुंशी सिंह, दिनेश (13) पुत्र शांतिलाल, शर्मिला (15) पुत्र प्यार सिंह, संगीता (16) पुत्री ज्ञान सिंह, किरण (16) पुत्री रेमसिंग, उर्मिला (16) पुत्री रेलसिंग, गणेश (20) पुत्र तेर सिंह, पाटली (25) पुत्री कैलाश, आरती पुत्री प्यार सिंह और आठ वर्षीय चंदा नाम की बालिका शामिल है। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका खंडवा के जिला अस्पताल में उपचार जारी है। खंडवा जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि सोनू (16) पुत्र थावर सिंह, सोनू ()18 पुत्र रिशू और मंजुला (17) पुत्री मांगीलाल (17) की हालत गंभीर है। उनके फेफड़ों में पानी भर गया है। तीनों को करीब 48 घंटे तक आईसीयू में ऑब्जर्वेशन पर रखा जाएगा।

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प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप जगधन्ने ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली जहां गिरी, वहां करीब 50 फीट पानी रहा है। नौ लोगों को तो हमने ही बाहर निकाला। इनको पंधाना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तीन को जीवित बताया। उनको लेकर खंडवा जिला अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर ट्रैक्टर को तालाब की पाल के ऊपर ले गया था। ट्रॉली में बैठे लोगों ने उससे पानी में नीचे उतरने को कहा। उनके कहने पर ड्राइवर तालाब किनारे ट्रैक्टर ले गया। कुछ लोग तालाब किनारे ही उतर गए। जो ट्रॉली में बैठे थे, उनमें से कुछ ने ट्रैक्टर पानी में और आगे ले जाने को कहा। ड्राइवर ने मना किया तो उस पर दबाव बनाया। ट्रैक्टर आगे बढ़ाते ही पानी में समा गया। ट्रॉली पलट गई। कुछ लोग तैरकर बाहर आ गए, लेकिन जो ट्रॉली के नीचे फंसे उनकी मौत हो गई, जबकि वे भी तैरना जानते थे। फंसते नहीं तो जान बच जाती।

दिवंगत नागरिकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खण्डवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में ट्रेक्टर-ट्राली दुर्घटना में 11 लोगों के निधन का समाचार प्राप्त हुआ है। इसी तरह उज्जैन के समीप इंगोरिया थाना क्षेत्र में ग्राम नरसिंगा में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए हादसे दो लोगों की मृत्यु का समाचार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खण्डवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

उज्जैन में चंबल नदी में गिरी बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो की मौत

वहीं, दूसरा हादसा उज्जैन जिले में हुआ। यहां श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रेलिंग तोड़कर चंबल नदी में गिर गई। इस हादसे में 12 बच्चे नदी में गिर गए। इनमें से 11 को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। एक बच्चा अभी लापता है। चार बच्चों को गौतमपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा इंगोरिया के पास देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ। मृतकों में पृथ्वी राज (16) और वंश (8) शामिल हैं। वहीं अमीश (10) और अंश (6) को इंदौर रेफर किया गया। वहीं शुभम चौहान नाम के एक बच्चा लापता है। जिसकी तलाश की जा रही है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, 12 साल के बच्चे ने ट्रैक्टर में लगी चाबी घुमा दी। जिससे ट्रैक्टर स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया और नदी में गिर गया। पहले स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य किया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और SDERF की टीमें भी रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली को क्रेन की मदद से नदी से निकाल लिया गया है। (हिन्दुस्थान समाचार )

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