हिमाचल के इस चमत्कारी मंदिर में पत्थर टकराने से पूरी होती है मुराद

Untitled 6 copy 26

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में एक 350 वर्ष एक पुराना मंदिर है जिसके बारे में बहुत चमत्कारी घटनाएं प्रचलित है। माता टौणी देवी का मंदिर आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर लगभग 350 वर्ष पुराना है और चौहान वंश की कुलदेवी के रूप में पूजनीय है। नवरात्री के दौरान मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का इतिहास मुगल साम्राज्य के समय से जुड़ा है। उस समय कुछ चौहान वंश के लोग धर्मांतरण से बचने के लिए राजस्थान से इस दुर्गम क्षेत्र में आए और माता टौणी देवी की शरण ली।

ये भी पढ़े

उपांग ललिता व्रत आज है, जानिए शुभ मुहूर्त व पूजा विधि और जाप

उनकी श्रद्धा और आस्था की याद में इस मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पिंडी के पास रखे दो पत्थरों को आपस में टकराते हैं। कहा जाता है कि माता टौणी देवी को सुनाई नहीं देता था, इसलिए श्रद्धालु अपनी इच्छाओं को पूरा कराने के लिए पत्थरों की आवाज के माध्यम से देवी का आह्वान करते हैं। ऐसा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान विशेष उत्साह देखने को मिलता है। महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु पत्थरों को टकराकर अपनी इच्छाओं को देवी के सामने रखते हैं। मंदिर कमेटी के सदस्यों के अनुसार, यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है और चौहान वंश के लोग इसे अपनी कुलदेवी के प्रति आस्था और सम्मान के रूप में मानते हैं।

ये भी पढ़े

इन शक्तिपीठों में आज भी होते हैं चमत्कार, जानिए महत्व और मान्यता

स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु हर बार अपनी मन्नत पूरी होने का अनुभव करते हैं। यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि कैसे मुगल साम्राज्य के समय कठिन परिस्थितियों में भी लोगों ने अपनी आस्था और संस्कृति को बनाए रखा। भौगोलिक दृष्टि से मंदिर हमीरपुर से 14 किलोमीटर की दूरी पर टौणीदेवी कस्बे में स्थित है और मंडी वाया अवाहदेवी नैशनल हाईवे-03 के मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं का तांता इतना अधिक होता है कि दूर-दूर से आने वाले लोग सुबह से ही मंदिर परिसर में कतारों में खड़े रहते हैं। (BNE )

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

आज लगेगा दुर्लभ सूर्यग्रहण, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

Today’s Horoscope मेष: घरेलू जीवन को लेकर मन के भीतर उथल-पुथल रह सकती है। आज गृहस्थ जीवन में परेशानियों का अनुभव हो सकता है। घर गृहस्थी के उपयोग की कोई प्रिय वस्तु खरीदी जाएगी। शुभ व्यय होगा। नौकरी पेशा वर्ग को उन्नति मिल सकती है। मन को शांति मिलेगी। वृष: आपके खर्चे कम हो जाएंगे […]

Spread the love
Read More
Operation Safed Sagar
homeslider National

कारगिल युद्ध में IAF का शौर्य, ऑपरेशन सफेद सागर ने ऐसे तोड़ी दुश्मन की कमर

कारगिल की 18 हजार फीट ऊंची चोटियों पर IAF का पराक्रम Operation Safed Sagar: साल 1999 में जब देश क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोमांच में डूबा था, उसी दौरान जम्मू-कश्मीर के कारगिल की ऊंची और दुर्गम पहाड़ियों पर एक ऐसा संघर्ष आकार ले रहा था, जिसने भारतीय सेना और वायुसेना के सामने अभूतपूर्व चुनौती खड़ी […]

Spread the love
Read More
Shiva temple
Religion Tourism

एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

304 साल पहले तक बस्तर राजपरिवार करता रहा पूजा अब केंद्रीय पुरातत्व संरक्षण के अधीन है यह मंदिर हेमंत कश्यप Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी […]

Spread the love
Read More