- गाजियाबाद जिले में पहली बार महिला पुलिसकर्मियों ने किया बदमाशों से मुठभेड़
- मौके से अवैध असलहा व कारतूस खोखा बरामद
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। कहते हैं कि पुलिस महकमे में तैनात सिर्फ पुरुष पुलिस के जवान बहादुर हैं, लेकिन ऐसा नहीं महकमे में तैनात महिला पुलिसकर्मी भी किसी से कम नहीं हैं। लोग अक्सर फिल्मों में असलहा चलाते और लात-घूंसा मारते देखा होगा, लेकिन यूपी के गाजियाबाद जिले में हकीकत में देखने को मिला तो लोग हैरान रह गए और उन बहादुर महिला पुलिसकर्मियों की बहादुरी को सलाम ठोंकते थक नहीं रहे थे। बहादुर महिला पुलिसकर्मियों की एक हिस्ट्रीशीटर से आमना-सामना हुआ तो बेख़ौफ़ बदमाश उनपर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी।
अपना बचाव करते हुए महिला पुलिसकर्मी जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाश को लंगड़ा कर कर दिया। महिला पुलिस टीम ने आतंक का पर्याय बने हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को मौके से अवैध असलहा व कारतूस खोखा बरामद हुए हैं। जिस तरह से महिला पुलिसकर्मियों ने जांबाजी का परिचय दिया, इससे पहले कभी नहीं हुआ, मानो इन महिला पुलिसकर्मियों एक इतिहास रच दिया।
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बताते चलें कि सोमवार देर रात गाजियाबाद जिले में एक ऐसी मुठभेड़ हुई, जिसमें एक भी पुरुष पुलिस कर्मी नहीं थे। एनकाउंटर हुआ, जिसमें एक भी पुरुष पुलिसकर्मी शामिल नहीं था। इस मुठभेड़ में एसीपी उपासना पांडे महिला इंस्पेक्टर रितु त्यागी की टीम ने हिस्ट्रीशीटर जितेन्द्र को अपाहिज किया। एसीपी नंद ग्राम उपासना पांडे के मुताबिक सोमवार देर रात महिला पुलिस की एक टीम क्षेत्र चेकिंग कर रही थी कि उसी दौरान टीम को एक संदिग्ध स्कूटी आते दिखाई दी। करीब आने पर पर जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने के लिए इशारा किया, तो वह स्कूटी को वापस मोड़कर भागने लगा।
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बताया जा रहा है कि मोड़ने के दौरान युवक की स्कूटी फिसल गई, जिससे वह सड़क पर ही गिर गया। महिला पुलिस अफसरों को अपनी ओर आते देख उसने टीम पर गोली चला दी। अपने ऊपर फायरिंग होते देख महिला पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की और गोली चला रहे बदमाश के पैर में गोली लगी। गोली लगते ही हिस्ट्रीशीटर वहीं गिर पड़ा और महिला पुलिसकर्मियों ने उसे धरदबोचा।
