कौन से ग्रह करवाते हैं प्रेम संबंधों में ब्रेकअप

Untitled 3 copy 13

राजेन्द्र गुप्ता

कहते हैं कि जो व्यक्ति प्रेम में होता है, उसके लिए दुनिया सबसे खूबसूरत होती है। वह हमेशा कल्पना और भावनाओं की डोर पर सवार रहता है। आज के समय में युवक-युवतियों के बीच प्रेम संबंध यानि अफेयर होना आम बात हो गई है। लेकिन इनमें से कुछ प्रेम प्रसंग यानी लव अफेयर ही शादी में बदल जाते है, और कई अफेयर बीच में ही खत्म हो जाते हैं। प्रेम में ब्रेकअप होने पर बहुत से युवा डिप्रेशन में चले जाने या नशों का शिकार होते भी देखे गए हैं।

कई बार ग्रहों की गणना भी प्रेम की मजबूत डोर को काट देती है और ब्रेकअप के लिए कुछ खास ग्रह जिम्मेदार होते हैं। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, प्रेम संबंधो का टूटना यानि ब्रेकअप होना भी ग्रहों की दशा पर निर्भर करता है। इन ग्रहों के उतार चढ़ाव के कारण ही लोगो के संबंध टूटते और जुडते हैं। ज्योतिष शास्त्र में प्रेम के कारकों के बारे में बताया गया है। जन्म कुंडली का पंचम भाव प्रेम संबंधों का माना गया है। कुंडली का जब पंचम भाव अशुभ और क्रूर ग्रहों से पीड़ित हो जाता है तो प्रेम संबंधों में अचानक परेशानी आनी लगती है। बात बात पर तनाव और विवाद की स्थिति बनने लगती हैं। कभी कभी भ्रम के कारण लव रिलेशन में दिक्कत आने लगती हैं।

ये भी पढ़े

कब होगा आपका विवाह, कैसा रहेगा वैवाहिक जीवन?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ब्रेकअप का कारण मुख्य रूप से तीन ग्रह सूर्य , मंगल और शनि होते हैं। इन तीनों ग्रहों के कारण लड़का और लड़की में ब्रेकअप होता है। इन तीनों ग्रहों मेंं से कोई भी एक ग्रह उच्च राशि में होकर पंचम या सप्तम भाव को देखता है, तो प्रेम विच्छेद यानि संबंध टूटने का योग बनता है। यह भी कहा जाता है कि अगर किसी की कुंडली में सूर्य, मंगल और शनि के अलावा पांचवें और सातवें घर के स्वामी ग्रह पर इन तीनों में से किसी एक की दृष्टि भी पड़ रही हो तो भी प्रेम में ब्रेकअप का योग बनता है। किसी का मंगल ग्रह दूषित हो तो यह शुभ नहीं होता। खासतौर पर जब आप किसी के साथ प्रेम में हों। कहा जाता है कि ऐसे जातक अपनी मनमानी करने वाले होते हैं। इन्हें कभी भी अपने पार्टनर की फीलिंग का ख्याल नहीं रहता। बस अपने ख्यालों की दुनिया में रहते हैं। इसके चलते इनके रिश्ते का अंत भी ब्रेकअप से होता है। यह भी कहा जाता है कि शनि की कुदृष्टि हो तो व्यक्ति के स्वभाव में अचानक ही चिड़चिड़ापन आने लगता है। इससे प्रेम संबंधों में आए दिन झगड़े होते रहते हैं और बात इतनी बिगड़ जाती है कि दोनों एक दूसरे के शक्ल देखना नहीं चाहते, जिससे उनके रिश्ते का अंत भी ब्रेकअप से हो जाता है ।

ये भी पढ़े

क्या होतें हैं पंचक?, क्या पंचक में कर सकते हैं शुभ कार्य

यह भी कहा जाता है यदि किसी पर सूर्य का प्रभाव हो तो वह प्रेम संबंधों में कभी भी सामने वाले को तवज्जो नहीं देता । इसके चलते दोनों कभी भी किसी भी बात पर एकमत नहीं होते । इसके चलते बात इतनी बढ़ जाती है कि ब्रेकअप एक रास्ता बचता है। इसके अलावा प्रेम संबंधों या शादीशुदा जीवन में अचानक ब्रेक अप के लिए ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को भी जिम्मेदार माना गया है । राहु और केतु यह दोनों पाप ग्रह हैं। जब ये अशुभ होते हैं तो रिश्तों में भ्रम की स्थिति बना देते हैं जिस कारण कभी कभी ऐसी बातों पर विवाद की स्थिति बनने लगती है जिनका कोई अर्थ नहीं होता है। राहु और केतु अचानक ब्रेकअप भी कराते हैं। इसलिए इन ग्रहों को शांत रखने के लिए भगवान शिव और भगवान गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।

ज्योतिष अनुसार अगर किसी युवक या युवती की कुंडली में चंद्र व शुक्र एक साथ एक ही राशि में स्थित हो तो वह जातक प्रेम संबंधों में धोखा देता है। अगर प्रेम संबंधों में बाधा पहुंचाने वाले ग्रहों का पता लगाकर यदि उपाय किये जाएं तो दिक्कत दूर भी हो सकती है। सबसे पहले शनि देव को शांत रखना बहुत ही जरूरी है। शनि जब अशुभ होते हैं तो व्यक्ति के प्रेम संबंधों को प्रभावित करते हैं। पंचम भाव पर शनि की दृष्टि पड़ने से वाद विवाद और ब्रेकअप जैसी स्थिति का निर्माण करते हैं। इसके लिए शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करनी चाहिए और शनि से जुड़ी चीजों का दान करना चाहिए। मंगल ग्रह जब कुंडली में अशुभ होता है तो प्रेम संबंध में लड़ाई झगड़े की स्थिति अधिक बनने लगती है। क्रोध के कारण संबंध प्रभावित होने लगते हैं। मंगल को शुभ बनाने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। सूर्य ग्रह जब अशुभ होता है तो प्रेम संबंधों को लेकर घर के बड़े नाराज होने लगते हैं जिस कारण प्रेम संबंधों पर बुरा असर पड़ने लगता है। इसके लिए रविवार के दिन सूर्य देव को सुबह उठकर जल देना चाहिए। पिता को प्रसन्न रखने की कोशिश करनी चाहिए।

ज्योतिषशास्त्र अनुसार शादीशुदा जीवन और शादी से पूर्व प्रेम संबंधों में धोखा मिलने की प्रमुख वजह राहु ग्रह को भी माना गया है। राहु कई रहस्यों से जुडा ग्रह है। अगर व्यक्ति की जन्म कुंडली में राहु ग्रह निर्बल है तो उसे धोखा मिलने की संभावनाएं ज्यादा रहती है। प्रेम संबंधों में अचानक दरार पडने का प्रमुख कारक ग्रह केतु को माना है। इस ग्रह की वजह से प्रेम संबंधों में खटास पड जाती है। अगर कोई युवक- युवती प्रेम में हैं या उनमें कोई अफेयर चल रहा है तो किसी अनुभवी ज्योतिषी की मदद से वे अपनी कुंडली में ग्रह स्थितियों का अध्ययन करवा कर प्रेम संबंधों में धोखा खाने से आसानी से बचा जा सकते हैं या फिर अपने लव अफेयर के भविष्य को लेकर पहले से ही मानसिक रूप से तैयार यानी मेंटली प्रिपेयर हो सकते हैं।

WhatsApp Image 2026 05 14 at 7.32.32 PM
homeslider Uttar Pradesh

बैकुंठधाम में दिल छू लेने वाला दृश्य, प्रतीक की बेटी संग अखिलेश का वीडियो वायरल

Prateek Yadav :  लखनऊ के बैकुंठधाम श्मशान घाट पर गुरुवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे सैफई परिवार और समर्थकों के बीच माहौल बेहद भावुक और शोकाकुल रहा। इस दुख की घड़ी में एक ऐसा पल सामने आया जिसने हर किसी की आंखें नम कर […]

Read More
Arrested
Analysis Crime News homeslider

ऑपरेशन कन्विक्शन: लखनऊ जोन में अपराध और दण्ड के बीच घटती दूरी

 प्रणय विक्रम सिंह इन दिनों उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में एक अनकहा भय तैर रहा है। थानों की दीवारों, अदालतों के गलियारों और जेलों की बैरकों के बीच एक नया शब्द तेजी से गूंज रहा है…’कन्विक्शन’। कभी अपराधियों के बीच यह भरोसा सबसे बड़ा कवच हुआ करता था कि ‘मुकदमा चलता रहेगा…’। हत्या करने […]

Read More
Untitled 2 copy
Analysis homeslider Raj Dharm UP

कर्ण द्वापर में ही नहीं कलयुग में भी होते हैं, कभी कुंती के हिस्से, कभी मुलायम के हिस्से

दयानंद पांडेय कर्ण द्वापर में ही नहीं , कलयुग में भी होते हैं। कभी कुंती के हिस्से , कभी मुलायम सिंह यादव के हिस्से। द्वापर में भी कर्ण की स्वीकार्यता नहीं थी , कलयुग में भी नहीं है। शायद कभी नहीं होगी। कर्ण सर्वदा से शापित है। रहेगा। परशुराम से लगायत धरती तक के शाप […]

Read More