- जगह-जगह सबीलें लगी हुई थी
- कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा था मोहर्रम का जुलूस
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। हर साल की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम की दस तारीख ( रविवार ) को यौम- ए -आशूरा के जुलूस के मौके पर राजधानी लखनऊ के कस्बा चिनहट में हजारों की संख्या में भीड़ देखने को मिली। इस दौरान इमाम हुसैन की सदाएं गूंजती रही। पहला मोहर्रम का जुलूस बड़ी चौक से होते हुए दोपहर 12 बजे कर्बला पहुंचा, जबकि चिनहट कस्बे का दूसरा मोहर्रम का जुलूस इस्लामिया मदरसा स्थित बड़ी चौक से ढाई बजे निकाला गया।
यह जुलूस बड़ी चौक से होते हुए बड़ी मस्जिद के बाद चिनहट बाजार होते हुए शहीद सैयद मीरा शाह पहलवान बाबा की दरगाह शरीफ पर रात दस बजे पहुंचा। जहां अजा दारों ने अदबो एहतराम के साथ ताजियों को दफन किया। इस मौके पर अजा दारों ने नौहा ख्वानी के अलावा मातम भी किया।
वहीं जुलूस के आगे-आगे डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज सिंह, एसीपी विनय द्विवेदी व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ चल रहे थे। वहीं मोहर्रम जुलूस की देखरेख कर रहे बाबा मोहम्मद शफीक ने कहा कि मोहर्रम सिर्फ एक समुदाय के लोग नहीं, बल्कि सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं । उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि चिनहट एक ऐसा कस्बा है जहां के लोग मिल-जुलकर कोई भी पर्व मनाते हैं ।
