- इन्हें सलामी दागने के बजाए कुछ मनबढ़ बता रहे आतंकियों की बहन
- एकता के संदेश को कर रहे तार-तार
- मुंहतोड़ जवाब देते हुए निजी संगठनों ने के लोगों ने दोनों बेटियों का बढ़ाया मान
- हमें कर्नल सोफिया व विंग कमांडर व्योमिका पर नाज़ है : डॉ मोहम्मद फिरोज अलहदा हुदा
लखनऊ। 22 अप्रैल 2025 दिन मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बेख़ौफ़ आतंकियों ने 26 पर्यटकों के सीने में गोलियों की बौछार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। इस सनसनीखेज मामले की खबर मिलते ही मानो पूरे देश व प्रदेश में कोहराम मच गया। यह घटना खुफिया तंत्र और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। इसी बीच खून का बदला खून से लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आपरेशन सिंदूर चलाए जाने का अभियान शुरू किया गया।

आतंकियों से निपटने के लिए सीमा पर तैनात भारतीय सेना की महिला जवान कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई।
केन्द्र की अनुमति मिलते ही कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह हिम्मत दिखाते हुए नापाक इरादों वाले पाकिस्तान पर धावा बोल दिया और वहां पर ठिकाना बनाकर रहने वाले आतंकी संगठनों के खेमों को उड़ाते हुए कई आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। वहीं जिन दिनों बेटियों की बहादुरी देख उन्हें देश-दुनिया के लोग सैल्यूट करते हुए उनकी शाबाशी को सलाम करते थक नहीं रहे थे कि इसी दौरान मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह और उपमुख्यमंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताकर सब किए गए पर पानी फेर दिया।
सेना को चरणों में और महिला अफसर को आतंकी की बहन, क्या यही है नया भारत?
इसी कड़ी में शूमाकर इंस्टीट्यूट ऑफ एप्रोपप्रियेट टेक्नोलॉजी एंड रूरल डेवलपमेंट संस्थान के महासचिव डॉ मोहम्मद फिरोज अलहुदा ने चिनहट के मल्हौर रेलवे स्टेशन के पास शूमाकर कालोनी यानी अपने आवास पर पत्रकारों से रूबरू हुए और इस दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने आपरेशन सिंदूर के तहत चलाए गए अभियान के बारे में गहनता से जानकारी दी और कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जिस तरह से दुश्मनों के छक्के छुड़ाए इस अभियान ने साबित कर दिया कि चाहे कोई कितना भी अनाप-शनाप बोलकर हिंदू-मुसलमान करें, लेकिन इस अभियान ने दिखा दिया कि अभी भी देश व प्रदेश में एकता पूरी तरह से मजबूत है।
उन्होंने कहा कि अगर आगे भी नापाक इरादों वाले आतंकी संगठनों ने हरकत दिखाने की कोशिश किया तो देश की भारतीय सेना के मुंहतोड़ जबाव देते हुए उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेरते हुए सबक सिखाएंगे।
शूमाकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रूरल डेवलपमेंट संस्थान के महासचिव डॉ मोहम्मद फिरोज अलहुदा ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेसवार्ता कर लोगों को एकता का संदेश बताते हुए कहा कि वह मुसलमान है देश के लिए अपनी जान भी न्योछावर करनी पड़े तो उन्हें नाज़ होगा कि मैं एक भारतीय सेना की जवान हूं।
