सेना को चरणों में और महिला अफसर को आतंकी की बहन, क्या यही है नया भारत?

अजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार भारतीय लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक ऐसा मौलिक अधिकार है, जो नेताओं को अपनी बात कहने का अवसर देता है। लेकिन जब यही स्वतंत्रता जिम्मेदारी से अलग होकर घमंड, असंवेदनशीलता और तुच्छ राजनीतिक लाभ का औजार बन जाए, तब यह न केवल लोकतंत्र की आत्मा को घायल करती है, बल्कि देश … Continue reading सेना को चरणों में और महिला अफसर को आतंकी की बहन, क्या यही है नया भारत?