
प्रेम में रोड़ा बनने पर दिया घटना को अंजाम
लखनऊ। आखिर कोई किस पर भरोसा करे। ऊषा सिंह जिस इकलौती बेटी को पाल-पोस कर बड़ा करने के साथ उस पर जान छिड़कती वही कलयुगी नाबालिग बेटी अपने नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर मां को मौत की नींद सुला दिया था। पुलिस ने महज़ तीन घंटे के भीतर इस घटना का राजफाश कर दोनों नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
चिनहट क्षेत्र स्थित सेमरा गांव निवासी 40 वर्षीय ऊषा सिंह की रविवार सुबह तड़के बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस अफसरों ने गहनता से जांच पड़ताल की तो हत्या करने का शक करीबियों पर ही गहराया। तभी से पुलिस उन संदिग्धों पर नजर डालें हुई थी। डीसीपी पूर्वी शशांक के मुताबिक संदेह के आधार पर जब मृतका की नाबालिग बेटी से पुलिस की टीमें पूछताछ शुरू की तो सवाल के जवाब में उसकी कई बातें विरोधाभास निकली। पुलिस टीम थोड़ी और कसरत से पूछा वह टूट गई और अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा कि वह अपने नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस ने दोनों को पकड़ा और सलाखों के पीछे भेज दिया।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि पूछताछ में ऊषा सिंह की नाबालिग बेटी ने बताया कि वर्ष 24 में नाबालिग लड़के के साथ कहीं चली गई थी। इस मामले में ऊषा सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने नाबालिग लड़के को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया जा रहा है कि इसके बावजूद दोनों की नजदीकियां कम होने के बजाए बढ़ती गई जिसका ऊषा सिंह विरोध करतीं थीं।
बताया जा रहा है कि इसी के तहत दोनों ने ऊषा सिंह को हमेशा के रास्ते से हटाने की योजना बनाई और रविवार सुबह तड़के करीब तीन बजे दोनों ने पहले गला दबाकर मारा फिर शीशे से गला रेत कर मौत की नींद सुला दिया। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी बेंगलुरु भागने की फिराक में थे कि पुलिस टीम ने उन्हें दबोचकर घटना का महज़ तीन घंटे के भीतर राजफाश कर दिया।
चिनहट क्षेत्र के सेमरा गांव में हुई घटना का मामला
