कायम हुआ सत्ता का इकबाल, पूरे देश में बाबा की बमबम

न कोई चिल्ल-पों न कोई करुण पुकार केवल बुल्डोजर की जय-जयकार

राजधानी की करुण आवाज

मैं यूपी की राजधानी हूं। लखनऊ। मेरी पहचान नवाब नगरी की भी रही है। मैं ही उत्तर प्रदेश की सत्ता चलाती हूं। वो सत्ता, जिसका इकबाल कभी-कभी ही बुलंद हो सका। मैं गवाह हूं, उन मुख्यमंत्रियों के, जो सत्ता को इकबाल से चला पाए हैं। लेकिन अबकी बार मैं आभारी हूं- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की। जिन्होंने मेरे सीने पर नासूर की तरह बसे अकबरनगर को साफ करके न केवल मैदान बना दिया, बल्कि किसी तरह का खून-खराबा नहीं हुआ। न कोई दंगा हुआ। न कोई परेशान दुखिया सामने आया। किसी तरह की कोई चिल्ल-पों नहीं हुई कि मेरे साथ नाइंसाफी हुई है।

दो दशक हो गया मेरी एक नदी को लोग नाला ही समझते थे। नाम दिया कुकरैल नाला। मुझे याद है वो गोमती की तरह एक नदी हुआ करती थी। कंक्रीट के जंगल उगे तो अतिक्रमणकारियों का मलबा यहां आ गिरा। कुछ लोग आए, जिन्होंने अपना घर बनाया। कुछ लोगों ने पसरने के लिए मदरसा, मंदिर और मस्जिद बना दिया। लेकिन अब यहां बुलडोजर थम चुका है। जहां कभी कंक्रीट के जंगल थे, वो मलबे का ढेर बन चुका है। मेरी नदी की जमीन कब्जा मकान, दुकान, मस्जिद और मंदिरों से मुक्त हो चुका है। अब कुकरैल नदी की जमीन अवैध रूप से बसे अकबरनगर के सभी अवैध निर्माण भूत बन चुके हैं।

 

जनता ने इस बार मजबूत मुखिया चुना है। तभी तो लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) भी मजबूती से खड़ा हो पाया। नगर निगम के साथ मिलकर 15 दिनों में मलबा हटाकर सुंदरीकरण का काम शुरू करने की तैयारी की खबर भी मुझ तक पहुंच चुकी है। एलडीए अब यहां करीब एक लाख पौधे लगाने जा रही है। सोचा ये खुशखबरी आप सबको दूं। बंधों पर सड़कें बनेंगी। अब वो लाइटों से जगमजाएंगी। सुना है वजीर-ए-आला ने यह काम अवस्थापना निधि को सौंपा हैं।

बात यहीं होती तो मैं चुप रह जाती। बकरीद यानी इद-उल-अदहा भी सकुशल बिना किसी परेशानी के निपट गई। यहीं नहीं पूरे सूबे में कोई सिर-फुटौव्वल नहीं हुई। मेरठ, मुरादाबाद से लेकर रामपुर तक कोई हायतौबा नहीं। अब लोगों ने सड़क पर नमाज पढ़ना बंद कर दिया। तलवार, चाकू और जंजीर लेकर दौड़ना बंद कर दिया। बड़ा मंगल भी शांति से निपटा, ऐसे जैसे कोई छोटा सा आयोजन हो। कहीं कोई झगड़ा-झंझट नहीं। कुछ उसी तरह जैसे वो गाना था- यहां पर सब शांति-शांति है।

1800 से अधिक अवैध निर्माण हुए जमींदोज

भूमाफिया की सांठगांठ के चलते कुकरैल पर कब्जा जमाकर यहां अवैध निर्माण कर लिए गए थे। सीएम योगी ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर चलाने का निर्णय लिया। लोकसभा चुनाव के पहले दिसंबर 2023 से शुरू हुआ यह अभियान लोकसभा चुनाव के बाद भी अनवरत जारी रहा और आखिरकार 19 जून की तड़के अंतिम इमारत को ध्वस्त करने के बाद ही रुका। इस दौरान यहां अवैध बने 1169 मकान और 101 कॉमर्शियल निर्माण जमींदोज हो गए। इस अभियान में करीब 24.5 एकड़ जमीन पर बने 1800 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त हो गए। इस दौरान कई अड़चनें भी आईं, लेकिन योगी ने हर चुनौती का सामना करते हुए अभियान को पूरा किया।

नए सिरे से विकसित होगा क्षेत्र

कुकरैल का क्षेत्र खाली होने के बाद अब यहां रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बख्शी के तालाब के पास दशौली गांव को इसका उद्गम स्थल माना जाता है, वहीं से इसका विकास किया जाएगा। साथ ही सभी यहां मौजूद सभी तालाबों को इंटरलिंक करके क्षेत्र को संवारा जाएगा। इसके अलावा नगर विकास विभाग के अंतर्गत कई अन्य परियोजनाओं को यहां मूर्त रूप दिया जाएगा। इन परियोजनाओं का प्लान तैयार किया जा रहा है और जल्द ही सीएम योगी की मंजूरी के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। बताते चलें कि योगी सरकार कुकरैल वन क्षेत्र को ईको टूरिज्म हब बनाने जा रही है। यहां देश की पहली नाइट सफारी विकसित होने जा रही है।

नाइट सफारी क्षेत्र में इंडियन वॉकिंग ट्रेल, इंडियन फुटहिल, इंडियन वेटलैंड, एरिड इंडिया व अफ्रीकन वेटलैंड की थीम पर विकसित किए जाने वाले क्षेत्र मुख्य आकर्षण होंगे। नाइट सफारी में कुल 42 इनक्लोजर में 54 प्रजातियों के जानवरों को रखा जाएगा। पर्यटकों द्वारा नाइट सफारी पार्क का अवलोकन 5.5 किमी ट्राम-वे तथा 1.92 किमी का पाथ-वे के माध्यम से किया जाएगा। नाइट सफारी में एशियाटिक लॉयन, घड़ियाल, बंगाल टाइगर, उड़न गिलहरी, तेंदुआ, हायना आदि आकर्षण का केंद्र होंगे। कुकरैल नदी के दोनों तरफ सुंदर पार्क विकसित किए जाएंगे।

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