
CJP Protest: दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, ट्रेनें रद्द और 45 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी, दीपके बोले- प्रदर्शन होकर रहेगा
New Delhi :राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के एलान के बाद पुलिस ने कई इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। रेलवे और मेट्रो सेवाओं पर भी पाबंदियां लगाए जाने की खबर है। प्रदर्शन के आयोजक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि उन्हें जहां रोका जाएगा, वहीं विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह जेल जाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन प्रदर्शन होगा।
CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने, मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मामले में जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। आम आदमी पार्टी, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही गई है।
जंतर-मंतर जाने की तैयारी, पुलिस ने नहीं दी अनुमति
प्रदर्शन के लिए सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके अपने सहयोगियों सौरभ दास और आशुतोष रांका सहित समर्थकों के साथ सुबह करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचने और वहां से जंतर-मंतर जाने की कोशिश करने वाले हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिंदगी जीने के दो तरीके हैं—जो हो रहा है उसे बर्दाश्त करते रहना या उसे बदलने की जिम्मेदारी उठाना। उनका कहना है कि विरोध को रोकने की कोशिश के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई रास्तों पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर, जनपथ, कनॉट प्लेस और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है। कुछ मार्गों पर आवाजाही सीमित की गई है, जबकि पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को प्रतिबंधों की जानकारी दे रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। हिरासत में लिए जाने की स्थिति से निपटने के लिए बसों और अन्य व्यवस्थाओं का भी इंतजाम किया गया है।
ट्रेनें और मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने का दावा
प्रदर्शन से पहले रेलवे और मेट्रो सेवाओं पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर दो बजे तक 75 ट्रेनों को रद्द किए जाने और 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश तथा निकास बंद किए जाने की बात कही गई है। नई दिल्ली जिले में जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगाए जाने का दावा है। शराब की दुकानों को बंद रखने के आदेश और अस्थायी हिरासत केंद्र बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, इन सभी पाबंदियों की वास्तविक अवधि और प्रभावित सेवाओं की स्थिति के लिए संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं मिली?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए आवेदन निर्धारित समय से देर से दिया गया। नियमों के तहत आम तौर पर कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होता है, जबकि CJP की ओर से 7 अक्टूबर को आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने का भी हवाला दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में भी उठा आम लोगों की परेशानी का मुद्दा
सुरक्षा इंतजामों के कारण आम नागरिकों को होने वाली असुविधा का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसी कार्रवाई से बचने की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें छोटी आशंका के लिए जरूरत से ज्यादा सख्त कदम उठाए जाएं। नागरिकों के परिवहन के अधिकार और मेट्रो तथा ट्रेनों पर लगी पाबंदियों पर दोबारा विचार करने की जरूरत की बात भी सामने आई।
इधर, नोएडा के गौतमबुद्धनगर जिले में भी 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू किए जाने की जानकारी है। नवरात्र, परीक्षाओं और किसान संगठनों के संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि दिल्ली की ओर जाने वाले संभावित प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके।
फिलहाल, CJP की मांगों और प्रदर्शन को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर आयोजक विरोध करने पर अड़े हैं, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त इंतजाम कर रही है। इस बीच आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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