
यूपी में बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन
योगी कैबिनेट नेUP-AIM को दी मंजूरी
100 AI स्टार्टअप को बढ़ावा और पांच लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
Lucknow : 09 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने और शासन व नागरिक सेवाओं में एआई के सुरक्षित, प्रभावी एवं उत्तरदायी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश AI मिशन (UP-AIM)’ की स्थापना, क्रियान्वयन एवं संचालन को मंजूरी दी गई।
IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि मिशन मोड में संचालित होने वाले UP-AIM के माध्यम से राज्य में एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्टअप एवं उद्यमिता, हाई-कैपेसिटी कंप्यूटिंग और एआई आधारित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत एकीकृत यूपी एआई स्टैक विकसित किया जाएगा, जिसमें एआई रेडी डेटा इकोसिस्टम, एआई ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क, विभागीय AI एप्लीकेशन, सुरक्षित डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म और जीपीयू आधारित एआई कंप्यूट की सुविधा उपलब्ध होगी।
पांच लाख युवाओं को प्रशिक्षण
मिशन के तहत 100 से अधिक एआई यूज केसेस विकसित/क्रियान्वित किए जाएंगे, जबकि 25 से 30 उपयोग-प्रकरणों को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। कम से कम 100 एआई स्टार्टअप्स को वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सहायता, पांच लाख एआई फ्लुएंट युवाओं का कौशल विकास और 50 हजार फॉरवर्ड डिप्लॉयड AI प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
UP AIM को सात प्रमुख आयामों के माध्यम से लागू किया जाएगा। इनमें यूपी एआई स्टैक एवं डेटा एक्सचेंज, एआई टैलेंट एवं फ्यूचर स्किल्स, एआई रिसर्च एवं सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, एआई स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई, एआई कंप्यूट एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई ट्रस्ट एवं एश्योरेंस तथा डिस्ट्रिक्ट एआई एनेबलमेंट शामिल हैं।
सभी 75 जिलों में बनेंगे डिस्ट्रिक्ट एआई केंद्र
मिशन के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में डिस्ट्रिक्ट एआई केंद्र विकसित किए जाएंगे। ये केंद्र स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित नवाचार, प्रशिक्षण, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। एआई सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च प्रोजेक्ट, इनोवेशन चैलेंजेस और हैकथॉन्स के माध्यम से अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए AI ट्रस्ट एंड एश्योरेंस फ्रेमवर्क भी विकसित होगा। इसमें हाई-इम्पैक्ट सरकारी AI समाधानों के लिए सुरक्षा, गोपनीयता, जोखिम मूल्यांकन, प्री-डिप्लॉयमेंट असेसमेंट और मानव पर्यवेक्षण पर विशेष जोर रहेगा।
स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में होगा संचालन
यूपी-एआईएम को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए एपेक्स बॉडी, गवर्निंग बॉडी और एक्जीक्यूटिव कमेटी की व्यवस्था होगी। मिशन का नेतृत्व सीईओ करेंगे। यूपी एआई स्टैक के विकास और संचालन के लिए मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर (MSI) का चयन किया जाएगा। MSI द्वारा एआई स्टैक और एआई सॉल्यूशन का डिजाइन, विकास, इंटीग्रेशन, डिप्लॉयमेंट, संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा, जिसकी समीक्षा एसएलए और निर्धारित माइलस्टोन के आधार पर की जाएगी।
भविष्य में यूपी एआई स्टैक ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म सभी विभागों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। विभागों से जुड़े एआई स्टार्टअप्स और तकनीकी साझेदारों को ओपन वेट मॉडल्स (SLMs/LLMs), डेवलपमेंट सैंडबॉक्सिंग और टेस्ट सैंडबॉक्सिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
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