21 दिन की कॉल हिस्ट्री ने पलटी पूरी कहानी
Kanpur businessman murder case: कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकू से गोदकर हत्या के बाद पुलिस ने परिवार, पुराने कर्मचारियों और संदिग्धों के मोबाइल संपर्कों की जांच शुरू की। इसी दौरान हत्या से पहले के 21 दिनों की कॉल हिस्ट्री पुलिस के हाथ लगी।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान विनीत की बहू शालू की पुराने कर्मचारी विशाल गौतम से करीब 30 बार बातचीत हुई। वहीं शालू के पति सुब्रत ने विशाल से करीब 300 बार फोन पर बात की। यानी हत्या से पहले के तीन सप्ताह में दोनों के बीच करीब 330 बार संपर्क हुआ।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स की वजह क्या थी और बातचीत किन मुद्दों को लेकर होती थी। खासतौर पर हत्या से ठीक पहले के दिनों में कॉल का समय, बारंबारता और संपर्क का पैटर्न खंगाला जा रहा है।
पति ने बताया- छोटे-मोटे काम करता था विशाल
कॉल डिटेल सामने आने के बाद सुब्रत से भी विशाल के साथ इतनी बातचीत को लेकर पूछताछ की गई। सुब्रत का कहना है कि विशाल पहले उनके परिवार के साथ काम कर चुका था और वह उसके छोटे-मोटे काम करता था। इसी वजह से उससे फोन पर बातचीत होती थी।

हालांकि, पुलिस अब इस दावे को दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है। जांच अधिकारियों के लिए यह पता लगाना अहम है कि 330 कॉल में कितनी बातचीत सामान्य कामकाज से जुड़ी थी और क्या किसी बातचीत का संबंध हत्या की कथित साजिश से था।
हत्या के बाद सामने आया विशाल का नाम
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, हरबंश मोहाल निवासी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर कारोबारी की बहू शालू का नाम लिया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने बताया कि हत्या की योजना उन्हें शालू से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, कारोबारी की हत्या के लिए विशाल को छह लाख रुपये की कथित सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। इसमें दो लाख रुपये हत्या के बाद और बाकी चार लाख रुपये करीब 15 दिन बाद देने की बात तय होने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के लिए पांच सितंबर की तारीख भी तय की गई थी।
घर की डुप्लीकेट चाबी भी बनवाई गई
जांच में घर में दाखिल होने से जुड़ा एक और अहम सुराग सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घर की मूल चाबी के आधार पर गुमटी में उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवाई गई थी। विशाल पहले विनीत के यहां काम कर चुका था, इसलिए उसे परिवार और घर की व्यवस्था की जानकारी थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डुप्लीकेट चाबी किसके कहने पर बनवाई गई और वारदात में उसका इस्तेमाल किस तरह हुआ।पुलिस की जांच में हत्या की कथित साजिश वारदात से करीब 21 दिन पहले तैयार किए जाने की बात सामने आई है। यही वजह है कि उस अवधि की कॉल डिटेल को बेहद अहम माना जा रहा है।
शालू से करीब डेढ़ घंटे पूछताछ, 15 सवाल किए
विशाल और राजकिशोर के बयानों में शालू का नाम आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। सोमवार को करीब डेढ़ घंटे तक उससे सवाल-जवाब किए गए। शुरुआत में शालू ने हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार किया।
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इसके बाद पुलिस ने उसके सामने उसके पति सुब्रत, सास पुनीता, विनीत के भाई और सिक्योरिटी गार्ड मदन सिंह की मौजूदगी में पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने उसके सामने कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्य रखे और करीब 15 सवाल पूछे।
26 से ज्यादा वार कर कारोबारी की हत्या
विनीत मिनोचा (63) कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-104 में रहते थे। वह शहर के बड़े दवा कारोबारियों में गिने जाते थे। शनिवार देर रात वह अपने फ्लैट में अकेले थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के शरीर पर 26 से ज्यादा वार किए गए। रविवार तड़के करीब चार बजे बेटा और बहू पार्टी से घर लौटे, तब हत्या का पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अपार्टमेंट की गैलरी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
फुटेज में पुलिस को विनीत का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर फ्लैट में आते-जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की और रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैर में गोली लगी।
ससुर की मौत पर रोती रही बहू, फिर जांच ने बदली कहानी
विनीत की हत्या के बाद जब उनका बेटा और बहू घर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। बहू शालू भी ससुर की मौत पर रोती हुई नजर आईं। उनके रोने और सदमे के वीडियो भी सामने आए।
उस समय मामला एक ऐसी वारदात के रूप में सामने आया था, जिसमें घर में घुसकर एक बुजुर्ग कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने जांच को सिर्फ घटनास्थल तक सीमित नहीं रखा।
CCTV फुटेज खंगाली गई, अपार्टमेंट के गार्ड से पूछताछ हुई और पुराने कर्मचारियों की जानकारी जुटाई गई। इसी जांच में विशाल गौतम का नाम सामने आया। इसके बाद पूछताछ और मोबाइल कॉल डिटेल ने जांच को परिवार के भीतर तक पहुंचा दिया।
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