
Lucknow: अयोध्या में कथित मछली भोज को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मंगलवार को लखनऊ सिविल कोर्ट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लगाए गए कथित आरोपों को लेकर मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। अजय राय का कहना है कि उनके बारे में सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कही गईं, जो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
अजय राय के मुताबिक, अयोध्या दौरे के दौरान उन पर मछली खाने और माफिया के सामने डरने जैसे आरोप लगाए गए। कांग्रेस नेता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह शाकाहारी हैं। उनका दावा है कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हुआ, उसमें वह निषाद समाज के निमंत्रण पर शामिल हुए थे। उनके अनुसार कार्यक्रम के बाद समाज के लोगों की ओर से भोज का आयोजन किया गया था।
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आरोप साबित करने की दी थी चुनौती
मछली भोज विवाद सामने आने के बाद अजय राय ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर सार्वजनिक चुनौती भी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनके मछली खाने का कोई प्रमाणित फोटो या वीडियो सामने आता है तो वह राजनीति से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं।
अजय राय ने माफिया से जुड़े आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अपने भाई अवधेश राय की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि घटना के बाद उन्होंने न्याय की लड़ाई छोड़ी नहीं और लंबे समय तक अदालत में संघर्ष किया। कांग्रेस नेता का कहना है कि इसलिए उनके ऊपर किसी माफिया के सामने झुकने का आरोप लगाना भी गलत है।
क्या है पूरा मछली भोज विवाद?
यह विवाद 23 अगस्त को अजय राय के अयोध्या दौरे के बाद सामने आया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अपने पार्टी नेताओं के साथ अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था। इसी दौरान तारून क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर मछली भोज के आरोप लगाए गए। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और सावन के महीने में मछली भोज के आयोजन को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
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इसके बाद मामला और गरमा गया। 24 अगस्त को रायबरेली में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने अयोध्या में सावन के दौरान मछली खाने को लेकर तंज कसा था। साथ ही अजय राय पर माफिया से जुड़े आरोप भी लगाए थे।
अब कानूनी लड़ाई की तैयारी
CM योगी के बयानों के बाद अजय राय ने खुला पत्र लिखकर आरोपों पर जवाब मांगा था। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए सबूत सार्वजनिक करने की मांग की थी। अब कोर्ट का रुख करने के बाद यह राजनीतिक विवाद कानूनी प्रक्रिया में बदलता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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