up चुनाव से पहले योगी को ‘फ्री हैंड’! BJP में बड़ा बदलाव

दो टूक UP में योगी को फ्री हैंड, केशव केंद्र में मंत्री,तो असीम हो सकते हैं डिप्टी cm

राजेश श्रीवास्तव

BJP : का संगठनात्मक बदलाव काफी देरी से हुआ है, लेकिन यह ‘देर आए दुरुस्त आए’ जैसा है। जेन-जी के सफल आंदोलनों ने सरकार और संगठन दोनों को परेशान किया, जिसके बाद PM मोदी ने वीडियो जारी कर नई पीढ़ी को संबोधित किया। नई टीम में 65 में से 51 नए चेहरे लाकर संगठन को ऊर्ज़ावान बनाने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही, अनुभवी विनोद तावड़े और सुनील बंसल को बरकरार रखा गया है। सोशल मीडिया टीम में बदलाव कर आक्रामक चेहरों को लाया गया है। इस पूरी नई टीम में संघ का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। लेकिन इस दौरान जो सबसे स्पष्ट संकेत मिले हैं उससे लगता है कि अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस बार चुनाव में पूरी पावर मिलने जा रही है। वह न केवल मुख्यमंत्री के रूप में सरकार का चेहरा होंगे बल्कि उनकी बनायी रणनीति पर ही भाजपा अमल करेगी। जबकि केशव मौर्य को डिप्टी cm पद से हटाकर केंद्र में मंत्री बनाने और असीम अरुण को डिप्टी cm बनाने की कवायद भी तेज चल रही है।

जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनावों में मिली हार से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने एक अहम फैसला लिया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने CM योगी आदित्यनाथ को ‘फ्री हैंड’ दे दिया है। 2०27 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति बनाने की जिम्मेदारी सीधे अब योगी के हाथों में होगी। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में इसका दावा किया जा रहा है। लोकसभा, विधानसभा या राज्यसभा चुनाव के लिए अब तक भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही उम्मीदवारों के नाम पर आखिरी फैसला लेता था। हालांकि, एनडीए के सहयोगी दलों अपना दल (S) RLD, निषाद पार्टी और सुभासपा के साथ सीटों के बंटरवारे का फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

ये भी पढें

गुडंबा: ई-रिक्शा में सवारी बनकर चेन लूटने वाली महिला गिरफ्तार, नाबालिग को पुलिस ने संरक्षण में लिया

सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के cm योगी से अच्छे संबंध माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री से बेहतर तालमेल के लिए ही उन्हें UP की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले cm योगी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को एक लिस्ट सौंपी थी। इस लिस्ट में 24 से ज्यादा सांसदों के टिकट काटकर नए उम्मीदवारों को टिकट देने की बात कही गई थी। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व ने इसे मानने से इनकार कर दिया था। भाजपा ने 64 में से 47 सांसदों को दोबारा उम्मीदवार बनाया, लेकिन 47 में से 26 सांसद चुनाव हार हार गए। उत्तर प्रदेश में भाजपा केवल 33 सीटों पर सिमट गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि केंद्र में पार्टी को अपने दम पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पार्टी के एक बड़े धड़े ने इस पर गंभीर सवाल उठाए थे। और पार्टी पर योगी की सलाह न मानने पर विरोध भी जताया था।

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी टिकट बंटवारे के लिए इस बार कोर कमेटी का गठन करेगी। इसमें उम्मीदवारों के नाम पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिह, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार, महेंद्र कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक अपनी राय रखेंगे। हालांकि, आखिरी फैसला मुख्यमंत्री योगी ही लेंगे। मुख्यमंत्री योगी विधान परिषद की शिक्षक-स्नातक क्षेत्र की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव की जिम्मेदारी भी खुद ही संभाल रहे हैं। इनमें से जिन छह सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होनी है, वहां cm ने सख्त मानदंड रखा है। cm योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस दावेदार ने जितने ज्यादा वोटर बनवाए हैं, टिकट का हकदार वही होगा।

विशेष तौर पर वाराणसी क्षेत्र (स्नातक व शिक्षक) और प्रयागराज-झांसी सीट पर मुख्यमंत्री का फोकस है। इन सीटों पर फिलहाल समाजवादी पार्टी का कब्जा है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़ी वाराणसी की दोनों सीटों को cm योगी हर हाल में सपा से छीनना चाहते हैं। बीजेपी की शुरुआती इंटर्नल सर्वे रिपोर्ट में पार्टी को 190 से 205 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। हालिया राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी को डर है कि अगर ज्यादा विधायकों के टिकट एक साथ काटे गए, तो वे सपा, कांग्रेस या बसपा में जा सकते हैं। जिससे पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस बगावत को रोकने के लिए भगवा पार्टी ने सीट बदलने की रणनीति बनाई है। सूत्रों के मुताबिक, जिन विधायकों के खिलाफ जनता की नाराजगी है, लेकिन उनका सियासी नुकसान ज्यादा हो सकता है, उन्हें किस अन्य सुरक्षित सीटों से चुनाव लड़ाया जा सकता है। जबकि, कमजरो और गैर-प्रभावशाली विधायकों के टिकट काटे जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, इस बार यूपी से एक और बड़ा परिवर्तन हो सकता है। आने वाले दिनों में यूपी के डिप्टी cm केशव मौर्य को यहां से हटाकर केंद्र में मंत्री पद दिया जा सकता है और उनकी जगह असीम अरुण को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ताकि पिछड़ों के चेहरे के रूप में केशव मौर्य को तरजीह देकर उनका कद बढ़ाया जा सके। जबकि दलित वोटों को साध कर असीम अरुण को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

23 को नहीं 24 अगस्त को व्रत रखेंगे वैष्णव, कल है पुत्रदा एकादशी

आरक्षण पर NDA के दलित नेताओं का रुख साफ

रविवार को बनेंगे तरक्की के योग, इन राशियों को होगा लाभ

गुडंबा: ई-रिक्शा में सवारी बनकर चेन लूटने वाली महिला गिरफ्तार, नाबालिग को पुलिस ने संरक्षण में लिया

करिश्मा कपूर के स्टाइल की कायल थीं कंगना रनौत, पोस्ट में किया खुलासा

करिश्मा कपूर के स्टाइल की कायल थीं कंगना रनौत, पोस्ट में किया खुलासा

 

Spread the love

LPG
Business homeslider Uttar Pradesh

LPG Price Today: LPG, CNG और PNG के नए रेट जारी, जानें आज आपके शहर में कितनी है कीमत

LPG Price Today: LPG, CNG-PNG के नए रेट जारी, जानें आज के दाम New Delhi : LPG, CNG और PNG का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 9 अक्टूबर 2026 को कीमतों के मोर्चे पर राहत की खबर है। उपलब्ध दरों के मुताबिक, आज घरेलू LPG सिलेंडर, CNG और PNG की कीमतों में कोई नया […]

Spread the love
Read More
homeslider Sports Uttar Pradesh

2. कभी था क्रिकेट का चमकता सितारा, फिर लगा 12 साल का बैन; जानें पूरी कहानी

भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू, फिर लगा 12 साल का बैन; थामी सोलेकिले की कहानी हैरान कर देगी Thami Tsolekile : क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ियों का सफर शानदार उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है, तो कुछ की कहानी विवादों के कारण चर्चा में आ जाती है। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज […]

Spread the love
Read More
Uttar Pradesh

अमेरिका का 8 IT कंपनियों पर एक्शन, भारतीयों का ग्रीन कार्ड अटकेगा?

अमेरिका का IT कंपनियों पर बड़ा एक्शन, TCS-Infosys समेत 8 कंपनियों पर PERM की रोक ए अहमद सौदागर America : में काम करने वाले भारतीय IT पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल करने की राह मुश्किल हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन ने आठ बड़ी टेक कंपनियों से जुड़ी स्थायी रोजगार प्रमाणन प्रक्रिया (PERM) पर रोक […]

Spread the love
Read More