
भेदिए की तलाश में जुटे पुलिस अधिकारी
घर की पूरी पृष्ठभूमि से वाकिफ थे हत्यारे
मालीपुर थाना क्षेत्र रूढ़ा गांव में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
Lucknow। राजधानी लखनऊ में तैनात IAS अफसर आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय बुजुर्ग मां इंद्रा देवी की जान लेने में किसी जानने वाले की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। खूनी खेल खेलने वाले लुटेरे इस हवेली की पृष्ठभूमि से पूरी तरह से वाकिफ थे। पुलिस की छानबीन में भले ही कुछ सबूत हाथ न लगा हो, लेकिन बुजुर्ग इंद्रा देवी के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ और शरीर से गायब गहने इस बात की चीख-चीखकर गवाही दे रहा है कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक अंबेडकरनगर प्राची सिंह का कहना है कि कमरे से कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जिससे हत्या किए जाने की आंशका जताई जा सके। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है, लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
वहीं गांव वाले बुजुर्ग इंद्रा देवी की लूट के बाद हत्या किए जाने की आंशका जता रहे हैं, लेकिन पुलिस अपने ही रटे-रटाए जवाब पर है कि शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले हैं।
मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र स्थित धमरूवा ग्राम पंचायत मजरा रूढ़ा गांव निवासी IAS अधिकारी आशुतोष मिश्रा पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं। वह ड्यूटी पर थे और उनकी बूढ़ी मां इंद्रा देवी घर अकेली थीं।
IAS अफसर आशुतोष मिश्रा ने मां की देखभाल करने के लिए प्यारी देवी को रख रखा था।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह नौकरानी प्यारी देवी वहां पहुंची तो देखा कि मकान का मुख्य गेट बाहर से बंद था। दरवाजा खोलकर प्यारी देवी घर के भीतर दाखिल हुई तो उसके होश उड़ गए। देखा कि इंद्रा देवी का शव बेड पर पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। बताया जा रहा है उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था जबकि शरीर से गहने गायब थे।
मां की मौत की खबर मिलते ही IAS अधिकारी आशुतोष मिश्रा भागकर मौके पर पहुंचे और मां की दशा देख बेहाल हो गए।
IAS अफसर आशुतोष मिश्रा के घर के लिए शनिवार की रात काली रात साबित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां ऐसा वाकया कभी नहीं गुजरा। यही वजह है कि इंद्रा देवी घर में बेफिक्र होकर रहतीं थीं। अचानक इस तरह की हुई वारदात से इलाके में सनसनी फ़ैल गई और देखते ही देखते तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट दस्ते के साथ छानबीन शुरू की, लेकिन यह पता नहीं चल पाया कि हत्या किसने और क्यों की? यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है।
घटनास्थल इस बात का संकेत दे रहा है कि इस वारदात को अंजाम किसी जानने वाले ने ही दिया है।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अंबेडकरनगर प्राची सिंह के मुताबिक इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
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