
ईरान पर साउथ कोरिया की ‘नो’ से भड़के ट्रंप! संयुक्त सैन्य अभ्यास का दायरा घटाने का दिया आदेश
Trump military exercises : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास का दायरा कम करने का निर्देश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप प्रशासन ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने की कोशिशों के लिए सहयोगी देशों से समर्थन जुटा रहा है। बताया जा रहा है कि दक्षिण कोरिया ने ईरान के डेन्यूक्लियराइजेशन अभियान में शामिल होने के अमेरिकी अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सैन्य अभ्यास को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास काफी महंगे हैं और उनका बड़ा हिस्सा अमेरिका को वहन करना पड़ता है। ट्रंप के मुताबिक, इन अभ्यासों से उत्तर कोरिया को ऐसा संदेश जाता है, जिसे वह मौजूदा परिस्थितियों में उचित नहीं मानते।
किम जोंग उन से रिश्तों का भी किया जिक्र
ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों के बीच उनके अच्छे रिश्ते रहे हैं। इसी वजह से वह दक्षिण कोरिया के साथ बड़े स्तर पर होने वाले सैन्य अभ्यासों को लेकर सहज नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा अभ्यासों को पूरी तरह खत्म करना अब संभव नहीं है।
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ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को निर्देश दिया है कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा काफी हद तक कम किया जाए। उनका कहना है कि इससे अमेरिका पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है और उत्तर कोरिया को लेकर तनावपूर्ण संदेश जाने की संभावना भी घटेगी।
ईरान के मुद्दे पर दक्षिण कोरिया से मांगा था सहयोग
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान को लेकर दक्षिण कोरिया के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अमेरिकी अभियान में साथ देने के बारे में पूछा था। ट्रंप के अनुसार, दक्षिण कोरिया की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया।
यह घटनाक्रम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सुरक्षा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से संयुक्त सैन्य अभ्यास होते रहे हैं, जिन्हें उत्तर कोरिया के खिलाफ तैयारियों का अहम हिस्सा माना जाता है।
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान का भी जिक्र
ट्रंप ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के देशों का आपसी सुरक्षा सहयोग मजबूत होना एक महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रंप ने इन तीनों देशों के नेतृत्व को बधाई देते हुए समझौते को साहसी और महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके मुताबिक, इस तरह के रक्षा सहयोग से क्षेत्रीय देश अपनी सुरक्षा क्षमताओं को बेहतर तरीके से मजबूत कर सकते हैं।
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