वास्तु के ये नियम अपनाइए, घर में सुख समृद्धि लाइए

Vastu Tips for Home

Vastu Tips for Home: अपना घर बनाते समय हर व्यक्ति चाहता है कि वहां परिवार के सदस्यों को सुख-शांति मिले और घर का माहौल सकारात्मक बना रहे। घर की सुंदरता और सुविधाओं के साथ कई लोग वास्तु से जुड़ी मान्यताओं का भी ध्यान रखते हैं।

वास्तु शास्त्र में घर के अलग-अलग हिस्सों के लिए दिशाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। खासतौर पर पूजा स्थल, रसोई और धन रखने की जगह को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अगर आप भी घर बनवा रहे हैं या अपने मौजूदा घर में सामान की व्यवस्था बदलने की सोच रहे हैं, तो वास्तु से जुड़ी इन पारंपरिक मान्यताओं को जानना आपके लिए उपयोगी हो सकता है।

मंदिर के लिए ईशान कोण को माना जाता है शुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में पूजा स्थल के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को उपयुक्त माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह स्थान पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।

ये भी पढें

2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार: CM योगी

कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में मंदिर बनाते समय जगह साफ-सुथरी और व्यवस्थित होनी चाहिए। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, मंदिर की दिशा तय करते समय घर के पूरे नक्शे और संरचना को ध्यान में रखना जरूरी माना जाता है।

अलमारी और धन रखने की जगह के लिए उत्तर दिशा

घर में कपड़े, जरूरी सामान या धन से संबंधित चीजें रखने के लिए भी वास्तु में दिशा का उल्लेख मिलता है। मान्यताओं के मुताबिक उत्तर दिशा को धन और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसी वजह से कई लोग अलमारी या तिजोरी की स्थिति तय करते समय उत्तर दिशा को ध्यान में रखते हैं। कुछ वास्तु मान्यताओं में अलमारी का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलने को शुभ बताया जाता है। हालांकि, घर में अलमारी रखने से पहले कमरे की जगह, उपयोगिता और सुरक्षा जैसे व्यावहारिक पहलुओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।

ये भी पढें

अरे वाह! बिहार की बेटी फर्राटेदार अंग्रेजी में पढ़ा रही फ्री ट्यूशन

किचन के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा का महत्व

वास्तु शास्त्र में रसोई को अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण को किचन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पारंपरिक वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में रसोई होने से अग्नि तत्व का संतुलन बेहतर माना जाता है। अगर घर के नक्शे में दक्षिण-पूर्व दिशा में किचन बनाना संभव न हो, तो केवल वास्तु के आधार पर निर्माण में बड़े बदलाव करने के बजाय घर की वास्तविक संरचना और सुविधा को भी ध्यान में रखना चाहिए।

सिर्फ एक दिशा से तय नहीं होता पूरे घर का वास्तु

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी घर का आकलन केवल मंदिर, अलमारी या किचन की दिशा देखकर नहीं किया जा सकता। घर का मुख्य द्वार, कमरों की स्थिति, खिड़कियां, खाली जगह, बेड और अन्य सामान की व्यवस्था समेत कई पहलुओं को देखा जाता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार: CM योगी

जितिया व्रत 3 अक्टूबर को, जानिये क्या लगती है पूजन सामग्री

रूसी सेना में भर्ती पर सरकार की सख्त चेतावनीः ‘यह जानलेवा और खतरनाक’

 

Spread the love

2 thoughts on “वास्तु के ये नियम अपनाइए, घर में सुख समृद्धि लाइए”

Comments are closed.

Lucknow
homeslider Religion

स्मार्त वैष्णव समाज कल रखेगा इंदिरा एकादशी व्रत

Lucknow: इंदिरा एकादशी का व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से पितृ पक्ष (श्राद्ध के दिनों) में आता है, इसलिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बाकी एकादशियों से काफी अलग और विशेष माना जाता है। इस साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत छह […]

Spread the love
Read More
Russia
Health homeslider International

रूस में प्लेग का शक! कर्मचारी की मौत के बाद 200 लोग क्वारंटीन

Russia: रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कर्मचारी की मौत के बाद संभावित प्लेग संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह मामला इरकुत्स्क क्षेत्र के शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट से सामने आया है। सरकारी समाचार एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक कर्मचारी को अज्ञात कारणों वाला निमोनिया था। […]

Spread the love
Read More
Haridwar
homeslider Religion

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर कहां लुप्त हो जाती हैं? जानिए रहस्य

Haridwar: पतित पावनी गंगा को देव नदी कहा जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार गंगा स्वर्ग से धरती पर आई है। मान्यता है कि गंगा श्री हरि विष्णु के चरणों से निकली हैं और भगवान शिव की जटाओं में आकर बसी हैं। श्री हरि और भगवान शिव से घनिष्ठ संबंध होने के कारण गंगा को […]

Spread the love
Read More