
Crude oil decline : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा असर डाला है। ट्रंप की ओर से ईरान के साथ बातचीत शुरू करने के संकेत मिलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान निकलता है तो वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कम हो सकती है।
ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को टालने और बातचीत के रास्ते को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव जैसे मुद्दे अभी भी गंभीर बने हुए हैं, लेकिन भविष्य में नुकसान को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एयर फोर्स वन में बातचीत के दौरान बताया कि ईरान के साथ वार्ता की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। हालांकि, उन्होंने किसी समझौते तक पहुंचने की निश्चित समयसीमा नहीं बताई। इस बयान के बाद बाजार में यह धारणा मजबूत हुई कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो सकता है।
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कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट
ट्रंप के बयान के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में दबाव देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल में लगभग 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी करीब 5 प्रतिशत फिसलकर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें मुख्य रूप से वैश्विक आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित होती हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे तेल महंगा होता है। वहीं, बातचीत की संभावना बनने पर निवेशकों की चिंता कम होती है और कीमतों में गिरावट आने लगती है।
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होर्मुज स्ट्रेट बना अहम मुद्दा
अमेरिका-ईरान तनाव में होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अगर इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट आती है तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक महंगाई पर पड़ सकता है।
इसी वजह से बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हुई है। निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से ऊर्जा बाजार में स्थिरता आ सकती है।
तेल की गिरावट से शेयर बाजार में तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। निवेशकों ने राहत की सांस ली और प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में यह उम्मीद बनी कि अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है।
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