
Hormuz Strait Tanker Blast : मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक और बड़ा दावा सामने आया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में दो टैंकरों में विस्फोट हुआ, जिसके बाद दोनों जहाज संचालन के लायक नहीं रहे। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय संगठन ने पुष्टि नहीं की है।
IRGC के अनुसार, दोनों जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए एक ऐसे दक्षिणी समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया, जिसे ईरान ने असुरक्षित बताया है। संगठन का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने इन जहाजों को इसी रास्ते से गुजरने के लिए प्रेरित किया था। IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक यह समुद्री मार्ग तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
जहाजों की पहचान पर अब भी सस्पेंस
ईरान की ओर से जारी बयान में जहाजों के नाम, वे किस देश के झंडे के तहत संचालित हो रहे थे, चालक दल की स्थिति या किसी संभावित नुकसान की जानकारी साझा नहीं की गई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दावों की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें
LPG के बाद अब एथेनॉल से चलेगा किचन? सरकार बना रही नई नीति, सब्सिडी मिलने की भी उम्मीद
अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य सतर्कता
दूसरी ओर, अमेरिका ने भी पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर स्थित अल उदेद एयर बेस से अमेरिकी वायुसेना के कई KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमानों को हटाकर दक्षिणी इजरायल के ओवडा एयर बेस भेजा जा रहा है। ये विमान लड़ाकू जेट और बमवर्षक विमानों को हवा में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि संभावित सैन्य अभियान की तैयारी का भी संकेत हो सकता है।
50 हजार अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पश्चिम एशिया में तैनात 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए अमेरिका लगातार अपनी रणनीति में बदलाव कर रहा है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी खेप इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य घटना या समुद्री हादसा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है। हाल के दिनों में ईरान ने कई बार होर्मुज क्षेत्र में टैंकरों और अमेरिकी सैन्य उपकरणों को निशाना बनाने के दावे किए हैं। वहीं अमेरिका ने इनमें से कई दावों को खारिज किया है। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और किसी भी छोटी घटना का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी, चेक करें लेटेस्ट रेट
बार-बार शैम्पू बदलना बेअसर? बाल झड़ने के पीछे हो सकती है बड़ी वजह
बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी कमजोर शुरुआत के साथ खुले

